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Sunday, September 24, 2023

गो आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनवाते हुए बनाएं आदर्श : डीएम

-डीएम ने ली जनपदीय समीक्षा बैठक, जानी निराश्रित गोवंश संरक्षण, सहभागिता योजना की प्रगति, दिए निर्देश

लखीमपुर खीरी, 06 सितंबर (शिवम वर्मा)। लखीमपुर खीरी में निराश्रित गोवंश मुक्त लखीमपुर के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से डीएम महेंद्र बहादुर सिंह सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में की। जिसमें निराश्रित गोवंश संरक्षण एवं सहभागिता योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की एवं संबंधित को जरूरी निर्देश दिए। डीएम ने अफसरों को गो आश्रय स्थल की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए निर्देशित किया। गौशाला प्रबंधन के लिए एसडीएम, बीडीओ एवं वेटरनरी ऑफिसर आपसी समन्वय रखकर गौ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनवाते हुए आदर्श बनवाएं। उन्होंने जिले में निराश्रित गौवंश संरक्षण, भूसा संग्रहण, गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश तथा मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत सुपुर्द बेसहारा गोवंशो के भरण-पोषण के लिए डीबीटी प्रक्रिया के जरिए होने वाले भुगतान की प्रोगेस जानी, संबंधित को जरूरी निर्देश दिए।

प्रत्येक गो आश्रय स्थल का क्षेत्रीय लेखपाल एवं ग्राम सचिव प्रतिदिन को आश्रय स्थल का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराएंगे। वेटनरी ऑफिसर अधिकतम दो दिनों में एक बार, पर्यवेक्षण अधिकारी सप्ताह में एक बार अनिवार्य रूप से गो आश्रय स्थल का भ्रमण करेंगे। बीमार गोवंश का प्रॉपर ट्रीटमेंट हो, इसे सुनिश्चित करें। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंशो की अनिवार्य रूप से प्रत्येक गोवंश की टैगिंग हो, इसे सुनिश्चित कराएं। आश्रय स्थल में हरे चारे एवं भूसे की पर्याप्त उपलब्धता हो। निर्देश दिए कि वेटरनरी ऑफिसर अवकाश के दौरान लिंक वेटरनरी अफसर की भी गो आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराएंगे।

सभी आश्रय स्थलों में भ्रमण पंजिका में निरीक्षण के दौरान अधिकारी जाने और आने का समय अवश्य अंकित करें। आश्रय स्थल में पेयजल एवं प्रकाश की समुचित व्यवस्था हो इसे भी सुनिश्चित कराया जाए। बैठक में डीएम ने नये बड़े स्थाई गो आश्रय स्थल को निर्माण/वर्तमान संचालित अस्थाई गो आश्रय स्थलों पर अतिरिक्त शेड का निर्माण कर क्षमता विस्तार, गो आश्रय स्थलों पर नन्दी एवं मादा गोवंश हेतु पृथक व्यवस्था, गो आश्रय स्थलों के प्रत्येक निरीक्षण की निरीक्षण, टीम गो आश्रय पोर्टल पर अपलोड किया जाने की विस्तृत समीक्षा की, संबंधित को जरूरी निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अनिल कुमार सिंह, डीसी मनरेगा विपिन कुमार चौधरी, डीडीओ दिनकर विद्यार्थी, सीवीओ सोमदेव सिंह, डीसी मनरेगा राजेंद्र श्रीवास, सभी एसडीएम, बीडीओ, वेटनरी ऑफिसर, सभी 102 पर्वेक्षण अधिकारी मौजूद रहे।

गो आश्रय स्थलों पर जन्माष्टमी पर्व पर आयोजित होगे कार्यक्रम : डीएम

डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि जन्माष्टमी के पर्व पर गो-माता की विशेष पूजा किये जाने की परम्परा है। जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश के लिए संचालित गो आश्रय स्थलों को जिला स्तरीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारी पहुंचकर गौ पूजन करें। डीएम ने कहा कि जन्माष्टमी के पावन पर्व पर जन्माष्टमी के दिन सभी कान्हा गौशाला एवं गो आश्रय स्थलों पर गो-माता का पूजन विधिवत कराया जाय तथा इस कार्यक्रम हेतु नगर निकायों के अध्यक्षगण एवं ग्राम प्रधानों को आमंत्रित किया जाय। गाय के गोबर से बने दीप, राधाकृष्ण की मूर्तियों, जो पर्यावरण के अनुकूल हैं, व्यापार मण्डल के माध्यम से स्थानीय बाजारों में विपणन हेतु उपलब्ध कराया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भी मार्गों पर निराश्रित गोवंश विचरण करते न पाये जाय। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर कान्हा गौशाला एवं गो आश्रय स्थलों की साफ सफाई, स्वच्छता सुनिश्चित की जाय तथा इन स्थलों पर इन्टरलॉकिग, पीने हेतु स्वच्छ पानी, चारा, पौष्टिक आहार एवं वित्तीय व्यवस्था आदि समय से सुनिश्चत करा ली जाय।

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