बाल श्रम उन्मूलन अभियान के अंतर्गत अवमुक्त कराये गये 06 बाल श्रमिक

child labor eradication campaign

गोंडा, 18 अगस्त (आशीष श्रीवास्तव)। उत्तर प्रदेश शासन और जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही के निर्देशों के क्रम में श्रम विभाग के नेतृत्व में, चाइल्ड लाइन और एन्टी ह्यूमन ट्रेफिकिंग यूनिट की संयुक्त टीम द्वारा जनपद गोंडा में सघन रुप से बालश्रम उन्मूलन के अभियान का संचालन किया गया। जिसमें जनपद के कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर कुल 06 बाल श्रमिको को मुक्त कराया गया जिसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के सेवायोजकों के विरुद्ध बाल श्रम अधिनियम 1986 के तहत नियमानुसार कार्यवाही अपनायी जाएगी।

भारत सरकार द्वारा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 यथा संशोधित 2016 के अंतर्गत 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के नियोजन तथा 14 से 18 वर्ष के बच्चों को खतरनाक व्यवसाय में कार्य करने से प्रतिबंधित किया गया है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी योगेश दीक्षित ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद को बल श्रम से मुक्त करना है और लोगों को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूक करना है। अभियान का संचालन श्रम प्रवर्तन अधिकारी विजय शंकर तिवारी एवं योगेश दीक्षित ने चाइल्ड लाइन के प्रभारी आशीष मिश्रा और टीम के सदस्य शहजाद अली तथा एएचटीयू प्रभारी देवेंद्र प्रसाद तिवारी काँस्टेबल कमलेश चंद्र, संजीव कुमार नायक, एवं महिला आरक्षी मीनू यादव के साथ किया। इस अभियान में नया सवेरा के टीआरपी चंद्रेश यादव और श्रम विभाग के सहाब अहमद भी सम्मिलित रहे।