यूपी में 5 हजार फर्जी टीचर्स, नकली दस्तावेजों के सहारे मिली नौकरी, योगी सरकार ने भेजा रिकवरी नोटिस

New Delhi: उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती में घोटाले के आए दिन नए मामले सामने आ रहे हैं। फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करने वाले शिक्षकों (Fake Teachers in UP) पर अब सरकार शिकंजा कस रही है। उत्तर प्रदेश में 6 फर्जी शिक्षकों से पैसे की रिकवरी के लिए नोटिस भेजा गया है।

पहले ही इन शिक्षकों (Fake Teachers in UP) पर मुकदमा दर्ज है। शिक्षकों की नियुक्ति पर जांच बैठाई जा चुकी है। अब सरकार ने इनसे नौकरी के दौरान दी गई सैलरी को रिकवर करने का फैसला किया है। पुलिस भी पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

फर्जी शिक्षकों (Fake Teachers in UP) में ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने किसी दूसरे का कागजात का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल की है। कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी डिग्री किसी फर्जी यूनिवर्सिटी से बनवाई है। इसी आधार पर ये शिक्षक वर्षों से नौकरी कर रहे थे।

यूपी में करीब 5 हजार फर्जी शिक्षक

अभी तक सामने आई जांच के मुताबिक पूरे यूपी में फर्जी शिक्षकों की संख्या करीब 5,000 के आसपास है। जैसे-जैसे विभागीय जांच शुरू की जाएगी, ये आंकड़े और ज्यादा बढ़ सकते हैं। सरकार ने सभी शिक्षकों को 20 जून तक का वक्त दिया है।

20 जून तक फर्जी शिक्षकों को जितनी सैलरी मिली है, उसे लौटाना होगा। अगर फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे शिक्षक पैसे नहीं लौटाएंगे तो उनके खिलाफ सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि हाल ही में यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉक्टर सतीश द्विवेदी ने दावा किया था कि जब से योगी आदित्यनाथ की सरकार आई है, हमने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे 1700 से अधिक लोगों की सेवा समाप्त कर दी है। उन्होंने कहा कि सिस्टम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।

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