अनामिका शुक्ला’ केस की जांच करेगी यूपी STF, बड़ी साजिश का खुलासा होने की संभावना

New Delhi: उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला (Anamika Shukla Case) के नाम पर राज्य में 25 जगह नकली ‘अनामिका’ के नौकरी करने के मामले की जांच योगी सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी है।

प्रदेश में हाल ही में ऐसा ही भ्रष्टाचार का एक और केस पूर्वांचल के जौनपुर और आजमगढ़ जिले में भी सामने आया है। यहां प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला पकड़ा गया है जबकि असली प्रीति यादव बेरोजगार है।

यूपी एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने रविवार को पीटीआई को बताया कि अनामिका शुक्ला मामले (Anamika Shukla Case) में एसटीएफ की ओर से जिन जिलों में मामले दर्ज किए गए हैं, उन पर जांच चल रही है। एसटीएफ बड़ी साजिश की जांच कर रही है। हम दोषियों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। जल्द ही गिरफ्तार होने की संभावना है।

एक अन्य एसटीएफ अधिकारियों ने कहा कि इलाहाबाद, अलीगढ़, रायबरेली, सहारनपुर, कासगंज और अंबेडकरनगर जिलों में जांच जारी है। उन्होंने कहा कि यह जूनियर विभागीय कर्मचारियों की करतूत है।

एक करोड़ रुपये से अधिक वेतन निकाले

एसटीएफ अधिकारियों ने कहा कि धोखाधड़ी का यह मामला हाल ही में सामने आया जब यह बताया गया कि एक ही महिला शिक्षक के नाम पर 13 महीने में राज्य भर के 25 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से एक करोड़ रुपये से अधिक वेतन और भत्ते के रूप में निकाले गए थे। इनकी पहचान अनामिका शुक्ला के रूप में की गई थी।

मामले की रिपोर्ट मीडिया में आने के बाद कासगंज के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पढ़ा रहीं अनामिका शुक्ला ने मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए इस्तीफे के लिए जिले की बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजलि अग्रवाल से संपर्क किया।

कासगंज पुलिस ने 6 जून को किया था गिरफ्तार

हालांकि उसे कासगंज पुलिस ने 6 जून को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 जून को यूपी के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के बयान के बाद पुलिसकी ओर से मामले की जांच में पता चला है कि दस्तावेजों के एक ही सेट का इस्तेमाल कई जिलों के नौ स्कूलों से किया गया था।

उन्होंने कहा था कि बागपत, वाराणसी, कासगंज, अमेठी, अलीगढ़, रायबरेली, इलाहाबाद, सहारनपुर और अंबेडकरनगर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में दस्तावेजों के एक ही सेट का उपयोग किया गया था।

गोंडा की अनामिका शुक्ला को मिली नौकरी

उन्होंने बताया कि उसी दिन गोंडा निवासी एक अन्य अनामिका शुक्ला, जिला बीएसए इंद्रजीत प्रजापति के कार्यालय के सामने पेश हुईं और मामले में निर्दोष होने का दावा करते हुए कहा कि उनके शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज चालबाजों ने उपयोग किए हैं।

उसने पहले यूपी टीईटी पास किया था और गोंडा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में शिक्षक की नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका चयन सूची में नाम नहीं था। बीएसए से मिलने के कुछ दिनों के भीतर गोंडा निवासी शुक्ला को शनिवार को स्थानीय, राजकीय सहायता प्राप्त निजी स्कूल भैया चंद्रभान दत्त स्मारक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया।