कभी PAC में मिलता था मूंछ मेंटिनेंस भत्ता… तो फिर UP पुलिस में दाढ़ी रखने पर विवाद क्यों?

New Delhi: अभी हाल में बागपत (Bagpat News) के एक दरोगा को बिना अनुमति लंबी दाढ़ी रखने पर सस्‍पेंड (Muslim Cops Suspend for Beard) कर दिया गया। उन्‍हें कारण ड्रेस कोड का पालन करने में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। लेकिन मूंछ पर कभी कोई विवाद (UP Police Beard Controvery) नहीं रहा बल्कि एक समय में तो रौबदार, लंबी मूंछ रखने के लिए पीएसी में मूंछ मेंटिनेंस भत्‍ता भी दिया जाता था।
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साल 2018 में एडीजी PAC बीके सिंह ने पीएसी में रौबीली मूंछ रखने के शौकीनों को हर माह 250 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। इससे पहले पीएसीकर्मियों को मूछों के रखरखाव के लिए 50 रुपये प्रति माह मिलते थे। एडीजी पीएसी ने सभी 33 बटालियन में इस व्यवस्था को लागू किए जाने के लिए सर्कुलर भी जारी किया था।

अंग्रेज करते थे मूंछों की कदर

बड़ी-बड़ी रौबदार मूंछ को ब्रिटिश राज के समय में काफी प्रोत्‍साहन दिया जाता था। ऐसा इसलिए ताकि वे आम जनता से अलग और प्रभावशाली द‍िखें। धीरे-धीरे मूंछ भत्‍ते को प्रोत्‍साहन न मिलने से पुलिसकर्मियों में रौबीली मूंछ रखने के चलन में गिरावट आई। हालांकि, अफसर समय-समय पर मूंछ रखने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करते रहे, लेकिन कोई समग्र योजना या भत्ता नहीं लागू किया गया है।

यूपी में हुआ था दाढ़ी पर विवाद

यूपी के बागपत जिले के रमाला थाने में तैनात उप निरीक्षक (दरोगा) इंतेसार अली को एसपी ने सस्पेंड कर दिया। इंतेसार ने बिना अनुमति लिए लंबी दाढ़ी रख ली थी। एसपी ने दरोगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह वाकया बुधवार का है।

बागपत के एसपी अभिषेक सिंह के मुताबिक पुलिस महकमे का कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति के सिर्फ मूंछ रख सकता है, लेकिन दाढ़ी रखने के लिए अनुमति लेनी होती है। सिख समुदाय के पुलिसकर्मियों को दाढ़ी रखने का छूट है। उन्हें इसके लिए विभागीय अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश पुलिस नियमावली में 10 अक्टूबर 1985 को एक सर्कुलर जोड़ा गया था। इसके मुताबिक, सक्षम अधिकारी (एसपी) की अनुमति से मुस्लिम पुलिसकर्मी दाढ़ी रख सकते हैं। सिखों पर यह नियम लागू नहीं होता।

बढ़ती दाढ़ी पर दी गई थी हिदायत

एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि इंतेसार जब दाढ़ी बढ़ा रहे थे तब तत्कालीन एसपी ने उन्हें हिदायत दी थी। उनसे कहा गया था कि दाढ़ी कटवा लें या परमिशन ले लें। इसके बावजूद दरोगा ने निर्देशों का पालन नहीं किया। इंतेसार को पहले भी पैटर्न के मुताबिक वर्दी न पहनने और दाढ़ी न बनाने को लेकर कारण बताओ नोटिस दिया जा चुका है। मनमाने ढंग से बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के ड्रेस कोड का पालन करने में लापरवाही बरतने पर उन्हें निलंबित किया गया है।

दरोगा ने कहा- फिर आवेदन करेंगे

दरोगा इंतेसार अली का कहना है कि उन्होंने नवंबर 2019 से कई बार दाढ़ी रखने की अनुमति लेने की कोशिश की लेकिन नहीं मिली। वह विभागीय प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश करेंगे। इंतेसार सहारनपुर के रहने वाले हैं। यूपी पुलिस में सीधे दरोगा के पद पर भर्ती हुए थे। तीन साल से बागपत जिले में ही तैनात हैं। लंबी दाढ़ी रखने को लेकर वह पिछले कई महीनों से पुलिस महकमें में चर्चा में हैं।

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