यूपी में फर्जी शिक्षक भर्तियों की होगी जांच, योगी सरकार ने बनाई कमिटी.. नहीं बचेगा कोई भी दोषी

New Delhi: उत्तर प्रदेश में इन दिनों फर्जी शिक्षक भर्ती (UP teacher bharti fraud) का मुद्दा गरम है।

खास कर जब से अनामिका शुक्ला (Anamika Shukla) नाम की एक टीचर द्वारा फर्जी सर्टिफिकेट्स पर एक साथ राज्य के कई स्कूलों में पढ़ाए जाने और हर जगह से अलग-अलग सैलरी उठाने का मामला सामने आया है। वो भी तब जब राज्य में 69 हजार शिक्षक भर्ती (UP 69000 shikshak bharti) मामले में भी विवाद चल रहा है।

इन सबके मद्देनजर अब उत्तर प्रदेश सरकार (UP govt) ने एक नई कमिटी का गठन किया है। ये कमिटी उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधीन गठित की गई है। सरकार ने इस कमिटी को राज्य में फर्जी सर्टिफिकेट्स पर की गईं फर्जी शिक्षक भर्तियों की जांच करने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि सोमवार को ही अनामिका शुक्ला मामले से संबंधित तीन लोगों को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया है। 10 जून को अनामिका शुक्ला को उत्तर प्रदेश स्थित गोंडा के बेसिक एजुकेशन ऑफिसर के सामने पेश किया गया। जहां उसने आरोप लगाया है कि उसके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नौकरियों के लिए दुरुपयोग किया गया।

ये मामला तब सामने आया था जब किसी ने अनामिका शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की कि वह राज्य के 25 अलग-अलग स्कूलों से साल में एक करोड़ रुपये की सैलरी उठा रही है।

हालांकि इस मामले में अभी जांच जारी है। इस बीच अब सरकार द्वारा बनाई गई नई कमिटी राज्य के अन्य फर्जी शिक्षक भर्तियों का भी पता लगाएगी और उनकी जांच करेगी।

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