बड़ा खुलास- हाथरस में दं’गों की साजिश, एमनेस्टी और इस्लामिक देशों से हुई फंडिंग

New Delhi: हाथरस (Hathras News) गैं’गरे’प म’र्डर के खिलाफ हो रहे विरो’ध प्रदर्शनों को लेकर यूपी सरकार (Yogi Govt) ने एक सनसनीखेज दावा किया है।

सरकार (Yogi Govt) के सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा एजेसियों ने विरो’ध प्रदर्शन की आड़ में प्रदेश में जातीय दं’गे भ’ड़’काने और सीएम योगी आदित्‍यनाथ (Yogi Adityanath) की छवि ख’राब करने की बड़ी सा’जिश का खुलासा किया है। सरकार के अनुसार वेबसाइट को इस्‍लामिक देशों से फंडिंग मिल रही थी। एम्‍नेस्‍टी इंटरनेशनल संस्‍था से भी इसके कनेक्‍शन पर जांच की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों ने http://justiceforhathrasvictim.carrd.co/ नामकी एक वेबसाइट पकड़ी। इस पर पुलिस से बच निकलने और विरो’ध करने के तरीकों पर जानकारी दी जा रही थी। साथ ही अपील की जा रही थी कि लोग ज्‍यादा से ज्‍यादा संख्‍या में विरो’ध प्रदर्शन में शामिल हों। इनमें ये निर्देश भी दिए जा रहे थे कि दंगा भ’ड़’कने पर आंसू गैस के गोलों से और गिरफ्तारी से कैसे बचें।

‘देश भर में विरोध के लिए उकसाया जा रहा था’

इस पूरे मामले में पुलिस ने 3 अक्‍टूबर को आईपीसी और आईटी ऐक्‍ट की विभिन्‍न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि यह साइट दिल्‍ली, कोलकाता, अहमदाबाद समेत देश के दूसरे हिस्‍सों में विरोध प्रदर्शन और मार्च आयोजित करने के लिए उकसा रही थी। महज कुछ ही घंटों में हजारों की संख्‍या में लोग फर्जी आईडी के जरिए इससे जुड़ गए।

इसके बाद यूजर सोशल मीडिया पर हाथरस से जुड़ी अफवाहें और झूठी खबरें पोस्‍ट करने लगे। जैसे ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं यह वेबसाइट बंद हो गई। लेकिन उस पर मौजूद मैटर एजेसियों के पास सुरक्षित है। इनमें फोटोशॉप की हुई कई फोटो, फे’क न्‍यूज और एडिट किए हुए विजुअल हैं।

‘इस्‍लामिक देशों से मिला था पैसा’

यूपी सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस वेबसाइट को इस्‍लामिक देशों से भारी मात्रा में आर्थिक मदद मिल रही थी। इसके अलावा एम्‍नेस्‍टी इंटरनेशनल संस्‍था से भी इसके कनेक्‍शन पर जांच की जा रही है। यह भी श’क है कि सीएए विरो’ध में शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का इस वेबसाइट को तैयार करने और संचालित करने में हाथ रहा है।

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