अयोध्या में मस्जिद के शिलान्यास पर नहीं, लेकिन साइट पर जाएगा पर आएंगे CM योगी

New Delhi: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) का निर्माण होना है। इसके लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड (Sunni Waqf Board) ने इंडो-इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन ट्रस्ट (Indo Islamic Culture Foundation Trust) का गठन किया है।

ट्रस्ट (Indo Islamic Culture Foundation Trust) ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को 5 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के जगह परिसर में बनने वाले अस्पताल, स्कूल, कम्युनिटी किचन, लाइब्रेरी और दूसरी जन सुविधाओं के शिलान्यास पर बुलाएंगे।

ट्रस्ट (Indo Islamic Culture Foundation Trust) ने साफ कहा है कि जब सीएम (CM Yogi Adityanath) को बुलाया जाएगा, तब मस्जिद का शिलान्यास जैसा कोई आयोजन नहीं किया जाएगा। ट्रस्ट का यह बयान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान के 48 घंटे बाद आया है। योगी ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘आपको लगता है कि मुझे आमंत्रित किया जाएगा? अगर मुझे बुलाया गया, तब भी मैं नहीं जाऊंगा।’

‘मस्जिद के शिलान्यास का प्रावधान नहीं’

इंडो-इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन (Indo Islamic Culture Foundation Trust) के सचिव अतहर हुसैन ने धानीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद की साइट पर सीएम को बुलाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, ‘इस्लाम के चारों स्कूलों हनफी, हंबली, शाफई और मालीकी में मस्जिद के शिलान्यास का कोई प्रावधान नहीं है।’

जन सुविधाओं का शिलान्यास करने आएंगे सीएम

ट्रस्ट के सचिव ने कहा, ‘धानीपुर गांव में प्रस्तावित 5 एकड़ की मस्जिद परिसर में अन्य जन सुविधाओं की इमारतें भी बनाई जाएंगी। यहां एक हॉस्पिटल, लाइब्रेरी, कम्युनिटी किचन और रिसर्च सेंटर भी बनेगा। ये सारी जन सुविधाओं के प्रॉजेक्ट्स हैं। हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन सुविधाओं की इमारतों के शिलान्यास में आमंत्रित करेंगे।’ उन्होंने कहा कि न सिर्फ मुख्यमंत्री न सिर्फ कार्यक्रम में आएंगे बल्कि वह जन सुविधाओं की इमारतों को लेकर हम लोगों का मार्गदर्शन भी करेंगे।

‘बाबर के नाम पर नहीं होगी मस्जिद’

मस्जिद के प्रस्तावित नाम को लेकर अतहर हुसैन ने कहा कि अभी नाम को लेकर फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘अल्लाह के लिए नमाज महत्वपूर्ण है न कि मस्जिद का नाम। लेकिन मैं साफ कर दूं कि हम मस्जिद का नाम मुगल सम्राट बाबर के नाम पर नहीं रखेंगे।’

अनौपचारिक तौर पर सौंपी गई जमीन

ट्रस्ट के सदस्य इमरान अहमद ने कहा कि अयोध्या के डीएम अनुज कुमार झा ने हमें मस्जिद के भूमि अनौपचारिक तौर पर दे दी है। अभी कुछ औपचारिकताएं बची हैं, वह जल्द ही पूरी कर ली जाएंगी। हमें राजस्व विभाग की सर्टिफाइड कॉपी मिल गई है।

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