क्या त्रिपुरा में CM की कुर्सी बचा पाएंगे बिप्लब देब, BJP सरकार का क्या होगा?

New Delhi: मुख्यमंत्री बिप्लब देब (Biplab Kumar Deb) की अगुवाई वाली त्रिपुरा की बीजेपी सरकार (BJP Led Tripura Govt) में बगावत हो गई है। बगावती विधायकों ने पार्टी आलाकमान से बिप्लब देब को मुख्यमंत्री पद से हटाने (Tripura Political Crisis) की मांग की है।

साथ ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री या बागवत करने वाले विधायकों की अगुवाई कर रहे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और अगरतला के विधायक सुदीप रॉय बर्मन (Sudeep Roy Berman) को देने की गुजारिश की है। ऐसे में यह देखना होगा कि क्या केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व उन्हें (बागी विधायक) खुश करने के लिए कुछ फैसले लेता है या फिर प्रतिद्वंद्धी खेमे से देब के खिलाफ चल रहे विद्रोह को बंद करने में सक्षम हैं, क्योंकि बगावत करने वाले ज्यादातर विधायक कांग्रेस से आए हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अगरतला के विधायक सुदीप रॉय बर्मन के नेतृत्व में त्रिपुरा के लगभग आठ विधायकों का एक गुट पिछले बुधवार से दिल्ली में डेरा डाले हुए है। सूत्रों के अनुसार, विद्रोही गुट ने बीजेपी महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से मुलाकात की है। इस पर उन्होंने विधायकों को राज्य में किसी को भेजने और उनकी शिकायतों को दूर करने का आश्वासन दिया है। उधर, त्रिपुरा में जमीनी हालात के बारे में पार्टी के केंद्रीय नेताओं को अवगत कराते हुए विप्लब देब ने खुद दिल्ली में एक सप्ताह से अधिक समय बिताया था।

2018 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे सुधीर रॉय बर्मन

सुदीप रॉय बर्मन त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री सुधीर रॉय बर्मन के बेटे हैं। सुदीप ने दो साल पहले 2018 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके साथ कांग्रेस के छह विधायक भी बीजेपी में शामिल हुए थे।

25 सालों की लेफ्ट सरकार को हटाने में निभाई बड़ी भूमिका

सुदीप रॉय बर्मन ने त्रिपुरा में बीजेपी-आईपीएफटी गठबंधन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। बीजेपी की अगुवाई में इस गठबंधन ने त्रिपुरा की सत्ता में 60 में से 35 सीटों के साथ 25 सालों से काबिज लेफ्ट सरकार को उखाड़ फेंका था।

दुर्गा पूजा के बाद देब मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना

सूत्रों से पता चला है कि सुदीप के नेतृत्व वाला बगावती गुट राज्य में नेतृत्व परिवर्तन या कम से कम कुछ प्रमुख मंत्री पदों के लिए मोलभाव करने की मांग कर रहा है। साथ ही यह भी पता चला है कि दुर्गा पूजा के बाद कभी भी देब के मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकती है।

60 सीटों वाली त्रिपुरा विधानसभा में बीजेपी के 36 विधायक

त्रिपुरा में 60 सदस्यीय विधानसभा में स्थानीय संगठन और सहयोगी आईपीएफटी के आठ सदस्यों के साथ बीजेपी के 36 विधायक हैं। सीपीएम के 16 विधायक हैं।

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