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कुशीनगर में गन्ना क्षेत्रफल 9610 हेक्टेयर घटा, किसान पडताल गड़बड़ी सुधार करा सकेंगे

-गन्ना किसानों को अब मिलेगी सप्लाई टिकट एसएमएस से

कुशीनगर, (ममता तिवारी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में पिछले कई वर्षों के बाद इस पेराई सत्र में गन्ना का क्षेत्रफल घट गया है। पिछले वर्ष के मुकाबले गन्ना के क्षेत्रफल में 9610 हेक्टेयर की कमी आई है। इसके पीछे वजह अत्यधिक बारिश और गन्ने में रेडरॉट नाम का रोग लगना बताया जा रहा है। चूंकि 98 फीसदी किसानों ने अगेती प्रजाति का गन्ना बोया था। ऐसे में निचले हिस्से वाली जमीन में बोया गया गन्ना या तो सूख गया अथवा इसमें रोग लग गया।

पिछले वर्ष जिले में 100727 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की खेती हुई थी। 252360 किसानों ने चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति की थी। इस साल गन्ना विभाग की तरफ से कज्ञए गए सर्वे में 91117 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ही गन्ना मिला। इसके क्षेत्रफल में 9.54 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं इस साल के सर्वेक्षण में 254735 किसान मिले, जिन्होंने गन्ना की खेती की है, लेकिन इस साल किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि इस साल अत्यधिक बारिश और रेडरॉट रोग के चलते गन्ना का क्षेत्रफल कम हुआ है। सबसे अधिक निचली जमीन में बोई गई गन्ना की फसल प्रभावित हुई है। न गन्ना का विकास हो सका और न ही उसमें खूंटी बन पाई। इसमें रोग भी लग गया है। इस साल 98 प्रतिशत अगेती प्रजाति का गन्ना बोया गया था, जिसे अधिक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों को समुचित व्यवस्था दी जा रही है। ताकि गन्ना किसानों को सुविधा मिल सके। इसके लिए 63 बिंदुओं पर सत्यापन चल रहा है। जिसमें गन्ना विभाग की तरफ से किसानों का सर्वे कराने के बाद अब उसका सत्यापन कराया जा रहा है।

63 कॉलम के इस प्रारूप में किसानों को अपना मोबाइल नंबर, सीएलए व सर्वेक्षण क्षेत्रफल, खाता संख्या सहित अन्य सभी ब्योरा चेक कर विभाग को अवगत कराएं। ताकि कोई त्रुटि हो तो उसका समय रहते सुधार किया जा सके। किसानों को घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से भरकर जमा करना है। अन्यथा उनका सट्टा नहीं चल पाएगा। इस वर्ष किसानों को पर्ची एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। इसलिए किसानों को अपना मोबाइल नंबर भी अपडेट कराना होगा। इसके लिए किसानों के घर तक सर्वे की सूचना पहुचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि किसी किसान को गन्ना पड़ताल में दिक्कत हो तो उसका सुधार करा।

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