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कुशीनगर की चीनी मिलों ने किया आठ अरब बासठ करोड़ 99 लाख संतावन हजार गन्ना भुगतान

-कुल देय धनराशि का 83.67 प्रतिशत हुआ भुगतान

कुशीनगर, 12 अगस्त (ममता तिवारी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्त हुए लगभग चार माह बीत जाने के बाद भी किसानों का बकाया खत्म नहीं हो पाया है। मिलों पर पिछले पेराई सत्र का 1.68 अरब रुपये बाकी है। कोरोना महामारी में भी रुपये नहीं मिलने से किसानों को खेती से परिवार के भरण-पोषण तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर पिछले कुछ वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गंभीरता दिखाए जाने के बाद स्थिति काफी सुधरी है।

ज्ञातव्य हो कि पिछले वर्षों में चीनी मिलों की तरफ से भुगतान समय पर किए जाने की वजह से गन्ना की खेती को लेकर किसानों का रुझान फिर से बढ़ा है। यही वजह है कि पिछले पेराई सत्र में जिले के 252360 किसानों ने 100727 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की खेती की थी। इन किसानों ने 320.34 लाख क्विंटल गन्ना की आपूर्ति चीनी मिलों को की थी।

चीनी मिलों ने इसके एवज में 103140.75 लाख (दस अरब इकतीस करोड़ चालीस लाख पचहत्तर हजार) रुपये के सापेक्ष 86299.57 लाख (आठ अरब बासठ करोड़ निन्यानबे लाख संतावन हजार) रुपये का भुगतान किया है। अभी भी 16841.18 लाख (एक अरब अरसठ करोड़ एकतालीस लाख अठारह हजार) रुपये किसानों को भुगतान किया जाना बाकी है। यानि चीनी मिलों ने कुल देय धनराशि का अभी 83.67 प्रतिशत ही भुगतान किया है, वह भी अधिकतम 27 मार्च तक का। जबकि यहां की कुछ चीनी मिलों ने अप्रैल के अंत तक तो कुछ ने मई मध्य तक सत्रावसान किया था।

पिछला पेराई सत्र गुजरे लगभग चार महीने हो चुके हैं और अब नए पेराई सत्र की तैयारी शुरू हो चुकी है, फिर भी भुगतान न मिलने की वजह से किसान खेती से लगायत इस कोरोना महामारी के दौर में परिवार के भरण-पोषण तक के लिए परेशान हैं। क्योंकि इनमें अधिकांश किसानों के परिवारों के बाहर कमाने वाले लोग रोजगार बंद हो जाने से अपने घर लौट आए हैं, जिससे आय के स्रोत सिमट गए हैं।

चीनी मिलें और भुगतान की स्थिति (लाख में)-

चीनी मिल कुल देय भुगतान अवशेष

  1. खड्डा चीनी मिल का 8150.82 में 6242.17 भुगतान बाकी1908.65 (लाख)
  2. रामकोला (पी) का 26747.62 में 21392.27 भुगतान बाकी  5355.35 (लाख)
  3. कप्तानगंज चीनी मिल का 14145.89 में 10009.24 भुगतान, बाकी 4136.65 (लाख)
  4. सेवरही चीनी मिल का 22518.52 में 19495.54 भुगतान, बाकी 3022.98 (लाख)
  5. ढाढ़ा चीनी मिल का 31577.90 में 29160.35 भुगतान, बाकी 2417.55 (लाख)
  6. योग 103140.75 (लाख) में 86299.57 (लाख) भुगतान, बाकी16841.18 (लाख)

कोरोना महामारी में भुगतान न मिलने से दिक्कत

कप्तानगंज क्षेत्र के पटखौली निवासी किसान सूर्यभान सिंह, बृजनाथ मिश्र, संतोष मिश्र, कारीतीन के अजय बहादुर मल्ल का कहना है कि यहां की चीनी मिल पर एक से दो लाख रुपये गन्ना मूल्य बाकी है, लेकिन भुगतान अभी तक नहीं मिला है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के खुदरा अहिरौली के नगनारायण सिंह, बसंतपुर के इंद्रदेव, चखनी के जितेंद्र मिश्र का भी 10 से 25 हजार रुपये गन्ना मूल्य सेवरही चीनी मिल पर बाकी है। ऐसे ही लक्ष्मीगंज के पंकज पोद्दार, सेखुई मिश्र के प्रभाषचंद्र मिश्र, देवेश मिश्र और ईश्वरीय प्रसाद भी रामकोला चीनी मिल से गन्ना मूल्य भुगतान न होने से परेशान हैं।

इस संबंध में वेद प्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जनपद की सभी चीनी मिलों के प्रबंध तंत्र के साथ बैठक की गई है। उन्हें 31 अगस्त तक हर हाल में किसानों के गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद से भुगतान में काफी तेजी आई है।

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