राजस्थान, बंगाल, महाराष्ट्र या पंजाब में होती मुंगेर जैसी घटना तो नंगा नाच करती BJP: शिवसेना

New Delhi: मुंगेर (Munger) गो’लीबा’री की घटना को लेकर शिवसेना (Shivsena) ने एनडीए की सरकार (NDA Govt) को निशा’ने पर लिया है। पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा है कि मुंगेर की घटना हिंदुत्व पर ह’म’ला है।

उन्होंने (Sanjay Raut) कहा है कि अगर ऐसी घटना महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल या राजस्थान में होती थी, तो राज्यपाल और भाजपा नेता राष्ट्रपति शासन की मांग करते, अब बिहार के राज्यपाल और भाजपा नेता सवाल क्यों नहीं उठा रहे हैं ?

इसके अलावा पार्टी (Shivsena) ने अपने मुखपत्र सामना (Saamana) में लिखे संपादकीय की जरिए भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ह’म’ला बोला है। संपादकीय में लिखा है, जो हमारा है वह अच्छा है, जो दूसरों का है वह खराब है, फिलहाल भारतीय जनता पार्टी की ओर से इसी प्रकार का व्यवहार शुरू है।

‘गड़बड़ सिर्फ महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में है’

बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों में जो कुछ हो रहा है, उसे देखते हुए वहां कानून का राज बचा है क्या? ऐसा सवाल किया जा सकता है। लेकिन ये राज्य भाजपा शासित होने के कारण वहां पर सब कुछ ठीक-ठाक है। गड़बड़ सिर्फ महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में ही है। बिहार में विधानसभा चुनाव का पहला चरण समाप्त हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी सहित कई नेताओं ने बिहार की प्रचार सभाओं में लोगों से पूछा, ‘तुम्हें जंगलराज फिर से चाहिए क्या? नहीं चाहिए तो भाजपा और जेडीयू के पक्ष में मतदान करो!’

‘जनरल डायर को शर्मिंदा करने वाली घटना’

बीते 15 सालों से बिहार में नीतीश कुमार का ही शासन है। लगता है वे लोग इस बात को भूल गए हैं। मुंगेर जिले में दुर्गा विसर्जन के दौरान पुलिस ने गो’लीबा’री की। मूर्ति का जबरन विसर्जन करवा दिया गया। गो;लीबा’री में एक व्यक्ति की मौ;त हो गई और 15 लोग घा’यल हो गए। पुलिसवालों का यह कृत्य जनरल डायर को भी लजाने वाला था, इस प्रकार का आक्रोश शुरू है।

‘…तो बीजेपी करने लगती नंगा नाच’

दुर्गा पूजा की विसर्जन यात्रा में यह उत्पात मचा और पुलिसवालों ने सीधे गो’लियां चला दीं। इस गो’लीबा’री में अनुराग पोद्दार नामक 18 वर्षीय युवक की मौ’त हो गई। दुर्गा पूजा के विसर्जन के दौरान यह उ’त्पा’त, हिं’साचार और पुलिस की गो’लीबा’री की घटना पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में हुई होती तो ‘घंटा बजाओ’ छाप खोखले हिंदुत्ववादियों ने अबतक नं’गा नाच शुरू कर दिया होता।

दुर्गा पूजा में गो’लीबा’री को एक प्रकार से हिंदुत्व पर ह’म’ला बताकर बवा’ल मचाया गया होता। पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था समाप्त होने का आ’रोप लगाकर वहां तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की जाती। इस गो’लीबा’री की सीबीआई जांच करवाने की मांग करवाने के लिए भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राजभवन में चाय-पान के लिए गया होता। लेकिन ओ घंटाबाज हिंदुत्ववादियों! मुंगेर में दुर्गा पूजा यात्रा पर हुई गो’लीबा’री पर तुम्हारा मुंह बंद क्यों है?

‘भौंकने वाले चैनलों ने शिवसेना के हिंदुत्व पर खड़ा किया था सवाल’

महाराष्ट्र के पालघर में ‘लॉकडाउन’ के दौरान दो साधुओं की ह’त्या हुई। ह’त्या भीड़ ने की। उस दौरान पुलिसवाले भी घायल हुए। लेकिन उस ह’त्या से महाराष्ट्र से साधुवाद और हिंदुत्व आदि सब समाप्त हो गया, महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार का हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं रहा और शिवसेना अब ‘सेक्युलर’ हो गई है, जैसी बातें कहीं गईं। कुछ भौंकनेवाले चैनलों ने तो उन साधुओं को ढाल बनाकर शिवसेना के हिंदुत्व पर सवाल खड़ा किया। आज मुंगेर की दुर्गा पूजा में पुलिसिया गो’लीबा’री के बावजूद ये भौं’कने और चिल्लाने वाले ठंडे पड़े हैं।

‘ढोंगी काले कौवे का नहीं नहीं आ रहा नजर’

मुंगेर की दुर्गा प्रतिमा का अप’मान और गो’लीबा’री ‘जंगलराज’ है, उन ढोंगी काले कौवे को ऐसा न लगना आश्चर्यजनक है। एक तो बिहार में भाजपा ने आंखों पर ‘सेक्युलर’ चश्मा चढ़ाया है, जिससे उन्हें मुंगेर का आक्रोश करनेवाली दुर्गा माता नहीं दिख रही। महाराष्ट्र में मंदिरों को खोलो कहते हुए ‘घंटानाद’ किया जा रहा है। मंदिरों के ताले तोड़ कर भीतर घुसने की धम’कियां दी जा रही हैं। इन लोगों का मुंगेर की हिं’सा’चार और हिंदुत्व के अप’मान से कोई लेना-देना नहीं दिख रहा।

‘लव जेहाद का लेबल लगाकर हो रहे मुक्त’

सुविधानुसार हिंदुत्व ऐसा ही होता है। मुंगेर का हिंदुत्व र’क्तरं’जित हो गया। पूरे बिहार में इस खू’न के छींटे उड़े लेकिन हिंदुत्व के सारे राजनीतिक ठेकेदार मुंह की पट्टी से आंख ढंक कर चुप बैठे रहे। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में दुर्भाग्य से या अप’घात से ऐसा हुआ होता तो इनका हिंदुत्व दक्ष और सावधान हो जाता। उत्तर प्रदेश में अबलाओं का बला’त्का’र और खू’न हुआ। साधुओं और पुजारियों की मंदिरों में ही नृशंस ह’त्या कर दी गई। हरियाणा में एक लड़की को बीच रास्ते में मा’र दिया गया। वे इस मामले पर ‘लव जिहाद’ का लेबल लगाकर मुक्त हो गए।

‘मुंगेर के विरोध में घंटा कब बजाओगे?’

भाजपा शासित राज्यों में घटने वाली ऐसी घटनाओं की तरफ बनावटी हिंदुत्ववादी काफी संयम और तटस्थ होकर देखते हैं। ऐसी घटनाओं की जांच पुलिस निष्पक्षता पूर्वक करने की बात कहते हैं। ‘मुंगेर’ जैसे हिंदुत्व और दुर्गा पूजा पर हम’ले के मामलों को दबाया जाता है। लेकिन पालघर में साधुओं का खू’न उबलते हुए पूछ रहा है कि मुंगेर में जो हिंदुओं का खू’न बहा, उसके विरोध में घंटा कब जाओगे? कम से कम थाली ही बजा दो! देखो, बिहार में हिंदुत्व पर पुलिसवाले गो’लियां चलाते हैं!

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