शाहजहांपुर: आसाराम की फोटो लगाकर जेल में बांटे गए कंबल, मचा बवाल

Webvarta Desk: Asaram Poster on Blanket: छात्रा से दुष्कर्म का दोषी आसाराम जोधपुर जेल (Asaram) में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उधर यूपी की शाहजहांपुर में जेल में आसाराम की फोटो (Asaram photo on Blanket) लगाकर लोगों के बीच कंबल बांटे गए। इस आयोजन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर यौन शोषण के दोषी आसाराम का महिमामंडन क्यों किया गया और जेल प्रशासन ने इस कार्यक्रम को हरी झंडी क्यों दी।

जेल प्रशासन की तरफ से जारी प्रेस नोट के अनुसार, अर्जुन और नारायण पांडेय के सौजन्य से कंबल वितरण कराया गया है। हालांकि जेल प्रशासन यह भूल गया कि दोनों ही आसाराम केस में गवाह की हत्या के मामले में इसी जेल में बंद हो चुके थे। दोनों ही अब जमानत पर हैं। प्रेस नोट और फोटो वायरल होने के बाद पीड़िता के पिता ने कड़ा ऐतराज जताया है।

आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा शाहजहांपुर की रहने वाली है। लगातार आसाराम की छवि को अच्छा बनाने के लिए कई तरह के हथकंडे उसके समर्थक अपना चुके हैं। सोमवार की शाम लखनऊ में आसाराम के आश्रम की तरफ से शाहजहांपुर जेल प्रशासन को कंबल भेजे गए। सर्दी से बचाने के लिए कंबल बंदियों को बांटे गए थे। खास बात यह है कि जेल प्रशासन की तरफ से सोमवार की देर शाम जब प्रेस नोट जारी हुआ तो उसमें आसाराम के समर्थक अर्जुन और नारायण पांडेय उर्फ पुष्पेंद्र पांडेय का भी नाम लिखा गया था।

हैरानी की बात है कि ये दोनों आसाराम मामले में गवाह की हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे जा चुके थे। इस वक्त दोनों ही जमानत पर बाहर हैं। जेल प्रशासन की तरफ से जारी प्रेस नोट के मुताबिक अर्जुन और नारायण पांडेय उर्फ पुष्पेंद्र पांडेय के सौजन्य से जेल में बंद बंदियों को कंबल बाटे जाने पर जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने आभार जताया है।

सोमवार की देर शाम प्रेस नोट और कंबल वितरण के फोटो जेल प्रशासन की तरफ से जारी किए गए। रेप पीड़िता के पिता को जब कंबल वितरण की जानकारी हुई तो उन्होंने आपत्ति जताते हुए मामले में जांच की मांग भी की है। मामले ने जब तूल पकड़ा तो जेल प्रशासन की तरफ से वायरल किए गए फोटो और प्रेस नोट को डिलीट कर दिया गया।