लालू यादव के ‘करीबी’ रहे सम्राट ने BJP का झंडा थाम की कैबिनेट में एंट्री, विवादों से पुराना नाता

Webvarta Desk: Bihar News: नीतीश सरकार (Nitish Cabinet) ने मंगलवार को अपनी नई सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार (Bihar Cabinet Expansion) किया। यह विस्तार नई सरकार बनने के 84 दिनों बाद हुई है। इस दौरान 17 मंत्रियों ने शपथ ली।

मंत्री बनने वालों में बीजेपी के एमएलसी सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) का नाम भी शामिल है। कुशवाहा समाज से आने वाले सम्राट चौधरी लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav), राबड़ी देवी और जीतन राम मांझी की कैबिनेट में भी मंत्री रह चुके हैं। सम्राट चौधरी का इतिहास विवादित रहा है।

किसी जमाने में लालू यादव के लाडले माने जाते थे सम्राट

पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी किसी जमाने में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav)के खासमखास माने जाते थे। इसी वजह से शकुनी के बेटे सम्राट (Samrat Chaudhary) का भी लालू निवास पर आना जाना लगा रहता था। माना जाता है कि शकुनी उच्च शिक्षा ही ग्रहण कर रहे थे उसी दौरान बार-बार लालू निवास पर जाने के चलते उनके अंदर भी मंत्री बनने की इच्छा जाग गई थी।

कहा जाता है कि सम्राट ने अपनी इस इच्छा का जिक्र पिता शकुनी से की। लगे हाथ शकुनी ने भी अपने बेटे की इच्छा तत्कालीन मित्र और और मुख्यमंत्री लालू यादव से कर दी। इसपर लालू प्रसाद यादव ने सम्राट चौधरी से मिलने की इच्छा जाहिर की। पहली ही मुलाकात में सम्राट चौधरी ने लालू यादव को इतना प्रभावित किया कि वे उन्हें अपनी कैबिनेट में लेने को तैयार हो गए।

लालू ने सम्राट को मंत्री बनाने में उनकी उम्र का भी नहीं रखा ख्याल

शकुनी चौधरी के कहने पर लालू यादव ने उनके बेटे सम्राट चौधरी को बिहार सरकार में मंत्री बना दिया। सम्राट को लालू ने माप तौल मंत्री बनाया था। उनके मंत्री बनते ही उनकी उम्र पर विवाद हो गया। विवाद के तूल पकड़ने पर राज्यपाल ने सम्राट से उम्र प्रमाण पत्र की डिमांड कर दी। सारी बात खुलने पर सम्राट को मंत्रिपरिषद छोड़ने के लिए कहा गया था। इसके बाद सम्राट चौधरी कई बार विधायक व मंत्री बने। राबड़ी देवी, नीतीश कुमार और जीतनराम मांझी सरकार में भी मंत्री रहे।

2014 के लोकसभा चुनाव के बाद जब नीतीश और लालू ने हाथ मिलाया तो सम्राट चौधरी जीतन राम मांझी के साथ हो लिए। इसी वजह से उन्हें मांझी कैबिनेट में जगह मिली। अब वह बीजेपी में आ गए हैं और बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। साथ ही नीतीश कैबिनेट में भी उन्हें मंत्री बनने का मौका मिला है।