Robert Vadra Money Laundering Case: रॉबर्ट वाड्रा मामले की सुनवाई से HC जज ने खुद को अलग किया

Webvarta Desk: राजस्थान हाईकोर्ट के जज मनोज गर्ग (Rajasthan High Court Judge Manoj Garg) ने उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस (Money Laundering Case) की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। जिसकी वजह से केस में सुनवाई स्थगित कर दी गई।

इस मामले (Money Laundering Case) को लेकर हाईकोर्ट में स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटिलिटी और बिचौलिए महेश नागर की याचिका पर हाईकोर्ट के जज मनोज गर्ग (Rajasthan High Court Judge Manoj Garg) की कोर्ट में सुनवाई लंबित थी। साथ ही इन दोनों याचिकाओं में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश अर्जी पर भी सुनवाई होनी थी। इस अर्जी के माध्यम से प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की हाईकोर्ट से इजाजत मांगी थी।

अब दो हफ्ते बाद इस मामले में होगी सुनवाई

बुधवार को मामले में हाईकोर्ट के जज मनोज गर्ग (Rajasthan High Court Judge Manoj Garg) की कोर्ट ने सुनवाई से इनकार करते हुए अन्य कोर्ट में मामला स्थानांतरित कर दिया। जिसके चलते अब इस मामले में 2 हफ्ते बाद फिर सुनवाई होगी। तब तक मामले में रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra), उनकी मां मौरीन वाड्रा और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी। इस केस में पहले सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आरोपियों को आंशिक राहत प्रदान करते हुए गिरफ्तारी पर रोक के आदेश दिए थे।

यह है मामला

बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में जमीन खरीद से जुड़ा मामला है। रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड ने साल 2012 में बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में दलाल महेश नागर के जरिए 270 बीघा जमीन 79 लाख रुपये में खरीदी।

बीकानेर के कोलायत में भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए यह जमीन आवंटित की गई थी। इस जमीन से विस्थापित हुए लोगों के लिए दूसरी जगह पर 1400 बीघा जमीन आवंटित की गई थी। लेकिन इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार करवाकर वाड्रा की कंपनी को बेच दिए गए। सेना से सम्बंधित इस क्षेत्र की जमीन को बेचा नहीं जा सकता था।

आरोप है कि वाड्रा की कम्पनी ने क्षेत्र के गांवों में और जमीन खरीदने का प्रयास किया, लेकिन मामला आगे बढ़ नहीं पाया। फर्जी तरीके से जमीन के बेचने का मामला उजागर होने से पहले ही वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन को पांच करोड़ रुपये में आगे बेच दिया।

मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले की ईडी ने जांच शुरू की थी। ईडी की पूछताछ से बचने के लिए वाड्रा लंबे अरसे से प्रयास करते रहे। जिसके बाद हाईकोर्ट ने वाड्रा और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए वाड्रा को ईडी के समक्ष पेश होकर जांच में सहयोग करने के आदेश दिए थे। जसके बाद वाड्रा जयपुर में ईडी के समक्ष पेश भी हुए थे।

ईडी अब वाड्रा को हिरासत में लेकर करना चाहती है पूछताछ

इस मामले में एक बार फिर ईडी रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ करना चाहती है लेकिन इस बार पूछताछ हिरासत में लेकर करना चाहती है। जिसको लेकर ईडी की तरफ से एएसजी राजदीपक रस्तोगी ने राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन दोनों याचिकाओं में अर्जी पेश कर कोर्ट से आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता बताते हुए इजाजत मांगी है। वाड्रा की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी, कुलदीप माथुर, वरुण सिंघवी और अभिषेक मेहता पैरवी कर रहे हैं।