Thursday, January 21, 2021
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सरकार नहीं बनी तो क्या हुआ… बिहार विधानसभा समिति में तेजस्वी ने मार ली बाजी

Webvarta Desk: इस बार की बिहार सरकार (Bihar News) में कई ऐसे चेहरे हैं जो फिर से मंत्री बनते नहीं दिखेंगे। इनका चांस करीब-करीब खत्म हो गया है। लेकिन ऐसा नहीं है कि ये बिल्कुल किनारे लगा दिए गए हैं। इन्हें अलग पद और महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां भी दे दी गई हैं।
विधानसभा की समितियों के नए सभापति चुने गए

पिछली सरकार में महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे कई मंत्रियों को विधानसभा की समितियों (Bihar Vidhan Sabha Committees) का सभापति बनाया गया है। इनमें नंदकिशोर यादव, प्रेम कुमार, विनोद नारायण झा, नरेन्द्र नारायण यादव, कृष्ण कुमार ऋषि, रामनारायण मंडल जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को विधानसभा की 22 समितियां गठित कर दी हैं।

NDA और महागठबंधन के ये नेता बने सभापति

इस आदेश जारी होने के बाद यह कयास लगाये जा रहे हैं कि सत्ताधारी दलों के जिन विधायकों-नेताओं को समितियों का सभापति बनाया गया है, उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने के आसार अब कम ही हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति और सरकारी उपक्रमों से संबंधित समिति का गठन 31 मार्च 2022 तक के लिए प्रभावी होंगी। शेष समितियां 31 मार्च 2021 के लिए प्रभावी होंगी।

समितियों और नए सभापतियों के नाम
  • विधानसभा के नए सभापतियों की लिस्ट कुछ इस तरह से है।
  • गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प- तेज प्रताप यादव
  • आचार- रामनारायण मंडल
  • प्रक्कलन- नंदकिशोर यादव
  • याचिका- प्रेम कुमार
  • एससी-एसटी कल्याण- जीतन राम मांझी
  • निवेदन- विनोद नारायण झा
  • लोक लेखा- सुरेंद्र प्रसाद यादव
  • सरकारी उपक्रमों संबंधी- हरिनारायण सिंह
  • जिला परिषद व पंचायती राज- नरेंद्र नारायण यादव
  • राजकीय आश्वासन- दामोदर रावत
  • आवास- शशिभूषण हजारी
  • बिहार विरासत विकास- भाई वीरेंद्र
  • प्रत्यायुक्त विधान- अजीत शर्मा
  • पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण- रामप्रवेश राय
  • महिला एवं बाल विकास- अरुणा देवी
  • कृषि उद्योग विकास- कृष्ण कुमार ऋषि
  • प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण- अमरेंद्र कुमार पांडेय,
  • पुस्तकालय- सुदामा प्रसाद,
  • पर्यटन उद्योग संबंधी- अनीता देवी,
  • आंतरिक संसाधन एवं केंद्रीय सहायता- शमीम अहमद,
  • शून्यकाल- चंद्रहास चौपाल
  • अल्पसंख्यक कल्याण- आफाक आलम
समितियों के गठन पर विधानसभा स्पीकर और तेजस्वी आ गए थे आमने-सामने

विधानसभा समितियों के गठन को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा आमने-सामने आते दिख रहे थे। विजय सिन्हा ने पत्र लिखकर तेजस्वी से आरजेडी के नेताओं के नाम मांगे थे मगर तेजस्वी ने परंपराओं का हवाला देते हुए पहले आरजेडी को मिलने वाले समितियों के नाम बताने को कहा था। हालांकि ये ज्यादा बड़ा मसला नहीं बना।

आरजेडी ने संख्याबल के आधार पर यहां मार ली बाजी

इन समितियों में सबसे ज्यादा नेता RJD के ही हैं। 22 समितियों में से 7 RJD, 6 बीजेपी, 5 जेडीयू, दो कांग्रेस और एक-एक CPI ML और HAM के नेताओं को सभापति बनाया गया है। जाहिर है इनमें सबसे ज्यादा जगह तेजस्वी की पार्टी आरजेडी को ही मिली है।

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