पंचतत्व में विलीन हुए रामविलास पासवान, बेटे चिराग ने दी मुखाग्नि.. अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

New Delhi: दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram vilas Paswan Last Rites) का राजकीय सम्मान के साथ शनिवार को पटना के दीघा में जनार्दन घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उनके पुत्र और लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) उन्हें मुखाग्नि दी।

इससे पहले रामविलास पासवान (Ram vilas Paswan Last Rites) की श’वयात्रा उनके पटना स्थित कृष्णा पुरी आवास से निकली और करीब पौने तीन बजे घाट पर पहुंची। अंतिम संस्कार से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय और राजद नेता तेजस्वी यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बता दें कि रामविलास पासवान (Ram vilas Paswan Last Rites) का गुरुवार शाम दिल्ली के एक अस्पताल में नि’धन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम पटना लाया गया, जिसके बाद विधानसभा और पार्टी ऑफिस में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य के कई नेताओं ने पासवान के पार्थिक शरीर पर पुष्ण अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली में उनके आवास पर रामविलास पासवान का पार्थिव शरीर रखा गया था जहां, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।

बता दें, गुरुवार शाम को लंबी बीमा’री के बाद राम विलास पासवान का नि’धन हो गया था। 74 साल के रामविलास पासवान कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम पांच बजे दिल्ली से पटना पहुंचा। एयरपोर्ट पर रामविलास पासवान के अंतिम दर्शनों के लिए समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई।

राजनीतिक सफर

70 के दशक में लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के साथ अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले रामविलास पासवान (Ram vilas Paswan) 1969 में पहली बार अलौली सीट से विधानसभा चुनाव जीते थे। उन्होंने खुद को कभी अप्रासंगिक नहीं होने दिया। 1977 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले पासवान 9 बार लोकसभा सांसद रहे।

साल 2000 में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी का गठन किया था। रामविलास पासवान बिहार के एकलौते नेता थे, जिन्होंने देश के छह प्रधानमंत्री के साथ काम किया है। विश्वनाथ प्रताप सिंह, एचडी देवेगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी सरकार में पासवान मंत्री रहे। केंद्र में मंत्री रहते हुए उन्होंने कई ऐतिहासिक काम भी किए।

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