राम मंदिर की नींव में नैमिषारण्य के 5 कुंडों का जल होगा प्रयोग, मंत्रोच्चारण के साथ एकत्र किया गया जल

New Delhi: Ram Mandir Naimisharanya Teerth Water: शताब्दियों के इंतजार के बाद अब पांच अगस्त का दिन मुकर्रर किया गया है, जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। राम मंदिर निर्माण की आधारशिला में विभिन्न तीर्थों के जल और वहां का मिट्टी का समायोजन होगा।

इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि स्थली नैमिषारण्य की धरती से पांच तीर्थों का जल (Ram Mandir Naimisharanya Teerth Water) वेदों और मंत्रों के उच्चारण के साथ एकत्रित किया गया है। नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ पर आयोजित कार्यक्रम में पीठाधीश्वर जगदाचार्य स्वामी देवेंद्रनंद सरस्वती ने बताया कि नैमिषारण्य और अयोध्या का बहुत पुराना नाता है।

88 हजार ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य के पांच कुंडों चक्रतीर्थ,काशीकुण्ड, पंचप्रयाग तीर्थ,सीताकुंड तथा दधीचि कुंड से जल एकत्रित कर वेदों और मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना कर उसे अयोध्या भेजने की तैयारी शुरू कर दी गयी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पीठाधीश्वर जगदाचार्य स्वामी देवेंद्रनंद सरस्वती ने बताया कि अयोध्या और नैमिषारण्य का सनातन युग का नाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 23000 वर्ष पूर्व जब मनु और सतरूपा यहां तपस्या कर रहे थे तो भगवान राम यहां प्रकट होकर उन्हें वरदान दिया और कहा कि जब आप अयोध्या के राजा होंगे तो भगवान राम स्वयं बेटे के रूप में वहां जन्म लेंगे।

पुरोहितों में खुशी की लहर

नैमिषारण्य में संत,महंत व विशिष्टजनों की उपस्थिति में पूरे विधि विधान के साथ पूजन के बाद सभी तीर्थों का जल संग्रहित करके कलश में रखा गया है। इन पांच कुंडों के जल को 5 अगस्त के दिन अयोध्या राम मंदिर की आधारशिला में प्रयोग किया जाएगा।

इस जल संग्रहण के दौरान बीजेपी विधायक समेत अन्य नैमिषारण्य के महंत और पुरोहित मौजूद रहे। नैमिषारण्य के संत और महंतों का कहना हैं कि एक लंबे अरसे बाद 5 अगस्त को राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी जिससे सभी पुरोहितों में ख़ुशी की लहर देखते बन रही है।

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