BJP का बड़ा गेम, पायलट को बनाएंगे मुख्यमंत्री! सतीश पूनिया के बयान से कांग्रेस की आफत

New Delhi: Rajasthan Satish Punia Sachin Pilot: पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 कांग्रेस विधायकों की याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर राजस्थान में गरमाये माहौल के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के एक बयान ने हलचल पैदा कर दी है।

एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पूनिया (Satish Punia) से जब पूछा गया कि क्या पायलट राजस्थान के सीएम बन सकते हैं? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ‘यदि हालात अनुमति देते हैं तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

पूनिया (Satish Punia) ने कहा कि वास्तव में, उन्होंने इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मामला फिलहाल कोर्ट में और इसलिए आगे किसी तरह की टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। सबसे पहले, यह सचिन पायलट को तय करना है कि उनका अगला कदम क्या होगा और उसके बाद फिर हम विचार करेंगे।’ पूनिया के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में नई अटकलें लगाई जाने लगी हैं।

कोर्ट के फैसल का असर और विधानसभा में विधायकों का गणित

हाईकोर्ट की ओर से आने वाले फैसले में यदि विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई को सही ठहराया जाता है तो सचिन पायलट सहित 18 विधायकों की संख्या घट जाएगी। इससे सदन में मौजूदा सदस्यों की संख्या कम होने के साथ ही अशोक गहलोत को भी बहुमत साबित करने में आसानी हो जाएगी।

फिलहाल अशोक गहलोत का दावा है कि उनके पास 100 से अधिक विधायक है और यदि पायलट गुट बाहर होता है तो सदन में उन्हें महज 91 विधायकों का साथ चाहिए होगा। लेकिन यदि सचिन पायलट और बागी विधायकों के पक्ष में कोर्ट फैसला सुनाता है तो गहलोत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इसे यूं समझा जा सकता है कि विधानसभा में बीजेपी के पास 75 विधायकों का संख्या बल है। कांग्रेस के 19 बागी और बीटीपी विधायक भी उन्हें साथ देते हैं तो उनका आंकड़ा 99 तक पहुंच जाएगा। अब कोर्ट के फैसल पर तय होगा कि आगे आना वाला समय किसके अनुकूल होता है।

कांग्रेस की इम्युनिटी पावर कमजाेर

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनिया ने इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘कोरोना संकटकाल में राजस्थान की जनता की इम्युनिटी क्षमता अच्छी है, इसलिए कोरोना से तो प्रदेश की जनता बच जाएगी, लेकिन कांग्रेस की इम्युनिटी पावर कमजोर लगती है।’

गहलोत को मान लेनी चाहिए हार

राज्य सरकार पर राजनीतिक संकट को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में डॉ. पूनिया ने कहा है कि सरकार को जनता का ख्याल नहीं है, लेकिन प्रदेश की जनता की इम्युनिटी पावर अच्छी है, ऐसे में कोरोना की मार से जनता तो बच जाएगी, लेकिन कांग्रेस की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम लगती है।

डॉ. पूनिया ने मुख्यमंत्री द्वारा पीएम को लिखे पत्र पर कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी नैतिक तौर पर हार मान ली है। साथ ही केरल में विश्व की पहली कम्यूनिस्ट सरकार को कांग्रेस द्वारा अपदस्त करने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी को टूटने से नहीं बचा पा रही और बहुमत की स्थिति में नहीं दिख रही, ऐसे में बार-बार लोकतंत्र का अपमान करने वाली कांग्रेस को लोकतंत्र याद आ रहा है।

विधायकों को भी खुला छोड़ें सीएम

एक अन्य सवाल के जवाब में डॉ. पूनिया ने कहा कि राज्य में फसलों पर टिड्डियों का हमला, कोरोना का संकट, रोजगार पर बात करने और इन मुद्दों पर काम करने के बजाए मुख्यमंत्री अपनी सरकार को लेकर एक होटल में बैठे हैं, जनता पूछ रही है कि राज्य में सरकार कहां पर है? ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिए कि खुद भी होटल से बाहर निकलें और मंत्रियों व विधायकों को भी खुला छोड़ें, जिससे वो अपने क्षेत्र में जाएं, जहां पर प्रदेश की आम जनता इस संकटकाल में उनको ढूंढ़ रही है, जिससे उनके काम हो सकें।

सरकार एक बाड़े में बंद है,आम जनता विपदा से गुजर रही है

सवाल के जवाब में डॉ. पूनिया ने कहा कि कार्यपालिका, विधायिका और न्यायापालिका भारत के संविधान की खूबसूरती है और उनके अपने अपने कार्य और महत्व हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए कहा कि उन्होंने नैतिकता की दुहाई देते हुए जो पत्र प्रधानमंत्री जी को लिखा है, मैं उनको याद दिलाना चाहता हूं कि कांग्रेस की ओर से 1957 से 1990 के अंतिम तक कई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया गया, इसलिए मुख्मयंत्री को याद रखना चाहिए कि कांग्रेस सरकारों द्वारा संविधान की जितनी धज्जियां उड़ाई हैं, फिर किस नैतिकता की बात करते हैं।

पूनिया ने कहा कि सरकार एक बाड़े में बंद है और प्रदेश की आम जनता विपदा से गुजर रही है, फसलों पर टिड्डियों के हमले से किसान परेशान हैं, सभी मुद्दों पर विफल हो चुकी एवं अपनी असफलताओं को छुपाने के लिये राज्य की सरकार ने आरोप लगाने के लिये बीजेपी को एक कंफर्ट एजेंसी मान लिया है।

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