Rajasthan Political Crisis: विधानसभा सत्र को लेकर सस्पेंस बरकरार, अड़ा 21 दिनों का पेंच

New Delhi: Rajasthan Governor Kalraj Mishra calls for state assembly session: राजस्थान में जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अशोक गहलोत सरकार की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने के आग्रह पर अभी तक राज्यपाल कलराज मिश्र ने कोई फैसला नहीं लिया है।

हालांकि, इस दौरान कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी खबर आई कि राज्यपाल ने राज्य सरकार के सत्र बुलाने के आग्रह को मान लिया है, जबकि ऐसा नहीं है। एनबीटी के मुताबिक, राजभवन ने सत्र बुलाने की खबरों को सिरे नकार दिया।

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर रविवार को नया प्रस्ताव राज्यपाल कलराज मिश्र के पास भेजा। इसमें 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही गई थी। जिसके बाद सोमवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि राज्यपाल की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने का आदेश दिया गया है जो कि सच नहीं है।

बताया जा रहा कि राजभवन की ओर से एक प्रेस नोट जारी हुआ जिससे ये भ्रम फैला। हालांकि, इस प्रेस नोट में विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर राज्यपाल की ओर से कोई आदेश नहीं दिया गया था।

बताया जा रहा कि विधानसभा सत्र को लेकर भेजे गए नए प्रस्ताव के संबंध में राज्यपाल ने गहलोत सरकार से तीन बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। राजभवन की ओर से स्पष्ट किया गया कि राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर अभी तक को आदेश नहीं दिया है।

इससे पहले गहलोत सरकार की ओर जो प्रस्ताव भेजा गया है उसमें 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही गई है। नए प्रस्ताव में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया गया है। इसमें कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा की बात कही गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *