मंदिर खोलने की मांग लेकर राज ठाकरे का उद्धव को पत्र- क्या हिंदुओं के प्रति सरकार बहरी हो चुकी है?

New Delhi: महाराष्ट्र में मंदिर (Maharashtra Temple) खोलने की मांग को लेकर राजनीतिक घमा’सान मचा हुआ है। अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने मुख्यमंत्री और चचेरे भाई उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को इस मसले पर पत्र लिखा है।

महाराष्ट्र सरकार के मंदिरों (Maharashtra Temple) को न खोलने के फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने कहा है कि क्या सरकार हिंदू भावनाओं के प्रति बहरी हो चुकी है?

राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने पत्र में लिखा, ‘मुझे आश्चर्य है कि सरकार सोई हुई है या अचरज में है और हिंदुओं की भावनाओं के प्रति बहरी हो चुकी है। राज ठाकरे ने सरकार से मंदिरों को खोलने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर सरकार ऐसा करने में विफल रहती है तो लोग सारे प्रतिबंध भूलकर अपने भगवान के दर्शन के लिए मंदिर की ओर मार्च करेंगे।’

AIMIM और वंचित बहुजन अघाड़ी ने किया प्रदर्शन

इससे दो दिन पहले एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील और वंचित बहुजन अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने राज्य में धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए प्रदर्शन शुरू किया है।

‘मंदिरों को खोलने में विरोध क्यों?’

राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने पत्र में लिखा है कि अनलॉक 1,2, 3 की प्रक्रिया के दौरान कई नियमों में राहत दी गई है, मॉल दोबारा खोले गए हैं और 100 लोगों की पब्लिक गैदरिंग की भी इजाजत है। राज ठाकरे ने मंदिरों को खोलने के लिए प्रोटोकॉल सेट करने की सलाह देते हुए कहा, ‘इन सबके बीच भक्तों को उनके भगवान से अभी भी दूर रखा जा रहा है। मंदिरों को खोलने के लिए ऐसा विरोध क्यों है?’

शिवसेना ने बीजेपी पर किया था पलटवार

महाराष्ट्र में विपक्षी दल बीजेपी ने राज्य में धार्मिक स्थल फिर से खोलने की मांग को लेकर पिछले हफ्ते मंदिरों के बाहर प्रदर्शन किया था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि लोग जानते हैं कि मंदिर खुलने के बाद शारीरिक दूरी का किस तरह पालन किया जाना है। शिवसेना ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में दोबारा विस्फोटक वृद्धि हुई तो क्या वह इसकी जिम्मेदारी लेगी?

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