आत्मनिर्भर यूपी: मोदी की ग्रामीणों से सीधी बात, जानें 5 दिलचस्प किस्से

New Delhi: पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) और सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने आत्मनिर्भर यूपी (Atmanirbhar UP) का आगाज कर दिया है। इसके जरिए 1.25 करोड़ मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा। पीएम मोदी ने रिमोट चलाकर आत्मनिर्भर यूपी का आगाज किया।

इस मौके पर पीएम ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं (Atmanirbhar UP) के लाभार्थियों से बात भी की। लाभार्थियों से बात करने के दौरान पीएम मोदी एक सामान्य व्यक्ति की तरह दोस्ताना तरीके से पेश आए।

पीएम ने मांगा एक वादा…

बहराइच से तिलकराम से पीएम ने बात की। पीएम आवास योजना की मदद से मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले वह झोपड़ी में रहते थे। वहां बहुत दिक्कत होती थी। तिलकराम खेती-बाड़ी का काम करते हैं। पीएम ने उनसे पूछा, ‘आपको प्रधानमंत्री आवास मिला, पीएम को आप क्या देंगे?’

तिलकराम ने कहा, ‘आप सारी जिंदगी प्रधानमंत्री रहें।’ पीएम ने कहा कुछ देने की बात बोलो ना। फिर बोले, ‘मैं मांगता हूं। बच्चों को जितना पढ़ना है पढ़ाएं। हर साल चिट्ठी लिखकर बताना कि बच्चों को कितने नंबर मिले। तुम्हे वादा पूरा करना है। हमने आपको आवास दिया। अब आप देश की भलाई के लिए बच्चों को पढ़ाएं।’

‘खूब मेहनत करो और आगे बढ़ो’

सिद्धार्थनगर से वापस लौटे प्रवासी मजदूर कुर्बान अली पीएम मोदी से बात की। उन्होंने बताया कि वह मुंबई में राजमिस्त्री का काम करते थे। लॉकडाउन में वापस लौटकर आए। घर वापस लौटने पर राशन सामग्री दी गई और 1,000 रुपये की राशि की मदद भी मिली। गांव में काम भी मिला। गांव वापस आने के बाद 21 दिन क्वारंटीन में रहा। अब शौचालय निर्माण में राजमिस्त्री का काम दिलाया गया है। हमारी ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। हमें सर्टिफिकेट भी मिला। पीएम ने उन्हें कहा कि खूब मेहनत करो और आगे बढ़ो।

‘योगी जी के गांव के हैं और मेरे गांव में रह रहे थे’

अहमदाबाद से गोरखपुर वापस लौटे नागेंद्र ने पीएम से बात की। जैसे ही उन्होंने बताया कि वह अहमदाबाद के राजीव नगर में रहते थे। तो पीएम ने हंसकर नागेंद्र से कहा, ‘आप योगी जी के गांव के हैं और मेरे गांव में रह रहे थे’ नागेंद्र ने बाताया कि वह वहां स्टील बर्तन का काम करते थे। लॉकडाउन में कंपनी बंद हो गई, वह वापस आ गए। बैंक से एक लाख रुपये डेयरी के लिए लोन लिया।

पीएम ने कहा कि लोगों को आपसे सीखना चाहिए कि आपत्ति को अवसर में बदल दिया। पीएम ने उन्हें कहा कि भारत सरकार ने 13 हजार करोड़ रुपये खर्च करके टीकाकरण करवाया है। सबसे पहले पशुओं का टीकाकरण करवाएं। पशु पालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड निकाला है। वह लीजिए और आगे का कर्ज लेकर डेयरी का काम बढ़ाइए। मल मूत्र से फर्टिलाइजर बनाकर बेचें।

‘मेरी शुभकामनाएं आपके साथ’

सिद्धार्थनगर के कुर्बान अली से पीएम मोदी ने बात की। पीएम मोदी ने कहा- कुर्बान अली जी इस बार मुंबई छोड़कर घर आ गए। रमजान का महीना घर पर मनाया होगा। कुर्बान अली- 12 मई को मैं अपने गांव वापस आ गया। पीएम मोदी ने पूछा, ‘गांव में क्या करते हैं?’ कुर्बान अली ने कहा, ‘मैं और मेरा छोटा भाई गांव में प्राइवेट में काम करते हैं।’ राज्य सरकार की ओर से काम मिलेगा। गांव में घर-घर शौचालय बनाए जाएंगे। पीएम ने कहा, ‘मेरी बहुत शुभकामनाएं आपके साथ हैं।’

‘जिन्हें विरासत में मिलता है, वे लुढ़क जाते हैं’

संतकबीरनगर के अमरेंद्र कुमार से बात करते हुए मोदी ने उन्हें आगे बढ़ने के सूत्र दिए। बैंक से कर्ज लेकर अपना छोटा सा व्यापार शुरू करने वाले अमरेंद्र ने जब बताया कि कैसे उन्होंने न सिर्फ खुद को रोजगार दिया बल्कि कई और लोगों को नौकरी पर रखा। उनके छोटे से व्यापार से कई लोगों के घर चल रहे हैं। पीएम ने उनसे कहा, ‘छोटे से शुरुआत करने वाले ही आगे बढ़ते हैं। जिन्हें विरासत में मिलता है वह लुढ़क जाते हैं। मेहनत से जिंदगी बहुत आगे बढ़ती है।’

जालौन के दीपू से बात करने के दौरान पीएम ने उन्हें आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। पीएम ने पूछा, ‘कहां काम करते थे।’ दीपू ने कहा, ‘हैदराबाद में।’ पीएम ने कहा, ‘हैदराबाद में…? आपको तो दीपू गारू कहना पड़ेगा।’ दीपू वापस आकर बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर काम कर रहे हैं। पीएम ने उन्हें एक्सप्रेसवे के बारे में बताया।

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