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किरायेदार सत्यापन के लिए पुलिस ने लगाया शिविर

नई दिल्ली, 19 जुलाई (वेबवार्ता)। अगर आपने अपने किरायेदार का सत्यापन नहीं कराया है तो आपको सावधान होने की जरूरत है। किरायेदार का सत्यापन नहीं होने से आप दिल्ली पुलिस के राडार पर आ सकते हैं। इन दिनों पुलिस की ओर से किरायेदारों के सत्यापन का कार्य किया जा रहा है।

पूर्वी दिल्ली स्तिथ थाना न्यू अशोक नगर द्वारा सुबह दस बजे से दो बजे तक एस.एन. मॉडर्न स्क़ूल में किराएदारों के वेरीफिकेशन हेतु कैम्प का आयोजन किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपने किरायेदारों का पुलिस सत्यापन न कराने वाले मकान मालिक जितनी जल्दी हो सके यह कार्य पूरा करवा लें, वरना पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ धारा-188 के तहत एफआइआर कर कानूनी कार्रवाई करनी होगी।

सुरक्षा के लिहाज से है जरूरी : मजबूरी की बात अगर छोड़ भी दी जाए तो किरायेदार व घरेलू सहायक का सत्यापन सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी है। कई वारदात की छानबीन के दौरान पुलिस आरोपित तक केवल इसलिए पहुंच सकी, क्योंकि उसके पास घरेलू सहायक के पते व रिश्तेदारों से जुड़ी तमाम जानकारियां मौजूद थीं। ऐसा इसलिए संभव हुआ, क्योंकि पुलिस ने इनका सत्यापन किया था।

अपराधियों के छिपने का है ठिकाना : हरियाणा व उत्तर प्रदेश में वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी राजधानी में अपना आसरा बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद वे सीधे दिल्ली की ओर रुख करते हैं, जिससे स्थानीय पुलिस की पहुंच से वे दूर जा सकें। इस लिहाज से राजधानी का इलाका काफी संवेदनशील है। पश्चिमी दिल्ली में कापसहेड़ा व नजफगढ़ के ग्रामीण इलाके हरियाणा की सीमा से सटे हुए हैं।

विदेशी किरायेदारों पर खास नजर रखने की है जरूरत : इलाके में कई मामले ऐसे होते हैं जिनमें विदेशियों की संलिप्तता पाई जाती है। इसके साथ ही कई लोगों का कहना है कि ये अक्सर आपस में लड़ाई-झगड़ा करते हैं, जिससे माहौल खराब रहता है। ये लोग भी किराये के कमरे में ही रहते हैं। लोगों का कहना है कि इनको भी इसी सूरत में मकान दिए जाएं जब इनका पुलिस सत्यापन हो जाए। पिछले वर्ष पुलिस की छानबीन में पता चला था कि ऐसे कई विदेशी यहां रह रहे हैं जिनकी वीजा की अवधि कई माह पूर्व समाप्त हो चुकी है। कई लोगों के पास तो वीजा हीं नहीं था।

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