PM मोदी ने गुजरात में रखी AIIMS की आधारशिला, बोले- 2020 ने बहुत कुछ सिखाया

Webvarta Desk: गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए गुजरात के राजकोट में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (Gujarat AIIMS) की आधारशिला रखी। पीएम मोदी (PM Modi) ने उम्मीद जताई कि AIIMS के निर्माण से गुजरात का हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा।

शिलान्यास समारोह में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत (Acharya Devvrat), मुख्यमंत्री विजय रूपानी (Vijaya Rupani) और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे (Ashvini Kumar Chaubey) भी शामिल हुए।

चुनौतियों से भरा रहा साल 2020

शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2020 ने हमें यह अच्छी तरह से सिखाया है कि स्वास्थ ही संपदा है। यह चुनौतियों से भरा वर्ष रहा है। उन्होंने कहा- 2003 में अटल जी की सरकार ने 6 एम्स तैयार करने की योजना बनाई थी। ये नए 6 एम्स 2012 में पूरे हुए, कुल 9 साल में।

पीएम ने कहा, साल 2020 में कोरोना संक्रमण की निराशा थी, चिंताएं थी, चारों तरफ सवालिया निशान थे। लेकिन 2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है। वैक्सीन को लेकर भारत में हर जरूरी तैयारियां चल रही हैं।

इलाज की आशा लेकर आ रहा 2021

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नया साल 2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है, भारत में वैक्सीन को लेकर हर जरूरी तैयारी चल रही है। वैक्सीन हर वर्ग तक पहुंचे इसके लिए कोशिशें अंतिम चरण में हैं, दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाने जाने की तैयारी जोरों पर है। गुजरात ने भी कोरोना से निपटने और वैक्सीन की तैयारी को लेकर अच्छी स्थिति में है।

मेडिकल सेक्टर में गुजरात की सफलता के पीछे अनवरत प्रयास

पीएम मोदी ने कहा कि बीते दो दशकों में गुजरात में जिस प्रकार का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ है, वो बड़ी वजह है कि गुजरात कोरोना की चुनौती से बेहतर तरीके से निपट पा रहा है। एम्स राजकोट, गुजरात के हेल्थ नेटवर्क को और भी सशक्त करेगा, मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा- मेडिकल सेक्टर में गुजरात की सफलता के पीछे 2 दशकों का अनवरत प्रयास है, समर्पण और संकल्प है। बीते 6 सालों में इलाज और मेडिकल एजुकेशन को लेकर जिस स्केल पर काम हुआ है, उसका निश्चित लाभ गुजरात को भी मिल रहा है।

किया आयुष्मान भारत योजना का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के कारण गरीब लोगों के 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। इस योजना ने भारत के गरीब लोगों को पैसे की कमी के कारण अच्छे इलाज के संघर्ष से मुक्त कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जनऔषधि केंद्र बीमारी के दौरान गरीब लोगों के मित्र भी हैं। पूरे देश में इस तरह के 7,000 से अधिक केंद्र लोगों को 90% सस्ती दवाएं प्रदान करते हैं। 3.5 लाख से अधिक गरीब मरीज दैनिक आधार पर इन केंद्रों का उपयोग करते हैं।