pictures of humanity revealed in lockdown

शाबाश! बेजुबानों की ली सुध, लॉकडाउन में सामने आईं मानवता की तस्‍वीरें

राम मिश्रा, अमेठी। कोरोना के खिलाफ जंग में अभी तक सबने अपनी जिम्मेदारी शिद्दत से निभाई है। इस मुश्किल दौर में हमें एक और दायित्व का निर्वहन करना है। मौजूदा वक्त में संकट उन बेजुबानों के लिए भी बढ़ गया है, जो भूख-प्यास से बेहाल होकर सड़कों पर भटक रहे हैं और अब हालात और भी विकट हो गए हैं।
इसी के मद्देनजर सोमवार को अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कस्बे के लोगों ने बंदरो की भूख और प्यास मिटाने का बीड़ा उठाया और जगह-जगह उनके खाने-पीने का इंतजाम किया।लॉकडाउन का दौर है। हर तरफ सन्नाटा है।
बन्दर व पशु पक्षी भूख से व्याकुल हो रहे हैं तो वही मुसाफिरखाना कस्बा निवासी अमित,अनूप आदि बताते है कि कस्बे में सैकड़ों बंदर है।उनकी भूख और प्यास मिटाने के लिए उबले चने आदि दिया जाता है और वो और उनके साथी बंदरों को चने और तब में पानी भर कर रख देते है, ताकि वो भूखे न रहे।और आवारा पशुओं को भी खाना खिलाते हैं।

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