पंजाब में कोरोना वैक्सीन की कमी को लेकर पवन दीवान का केंद्र सरकार पर निशाना

Pawan Diwan

-सबका साथ, सबका विकास से अपनों का साथ, बाकियों का विनाश बना प्रधानमंत्री मोदी का नारा

-राजकुमार शर्मा-

लुधियाना, 29 मई (वेबवार्ता)। पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन पवन दीवान ने राज्य में कोरोना वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कोरोना वेक्सिनेशन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा रखे गए 35000 करोड़ रुपये के बजट और वास्तविकता को लेकर भी सवाल किए हैं।

यहां जारी एक बयान में दीवान ने कहा कि पंजाब में कोरोना वैक्सीन की भारी कमी देखने को मिल रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में बीते दिन 17644 पहले और दूसरे डोज के कोरोना के टीके लगे हैं, जो जरूरत से बहुत कम है और यह कोरोना वैक्सीन की भारी कमी का नतीजा है। क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा वैक्सीन के आवंटन को लेकर पक्षपात किया जा रहा है और भाजपा शासित प्रदेशों में ड्राइव थ्रू भी टीके लगते हैं।

उन्होंने खुलासा किया कि केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर 35000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, परंतु 136 दिनों में सिर्फ 19 करोड लोगों को ही पहले और दूसरे डोज का टीका लग सका है। जबकि देश की करीब 139 करोड आबादी के लिए 280 करोड़ टीके चाहिए।

इसी तरह दीवाने मोदी सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे बिना कारण खर्चों पर भी सवाल किए हैं, जिसमें 20 हजार करोड़ रुपए से नई संसद बनाना भी शामिल है। जबकि लोगों की जानें ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालातों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा सबका साथ, सबका विकास अब अपनों का साथ, बाकियों का विनाश बन चुका है। देश में इन बुरे हालातों में दवाइयों की कालाबाजारी चल रही है और पीएम केयर्स फंड का पैसा कहां गया, पता नहीं चल रहा।

दीवान ने कहा कि लोग अब डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दिन याद करते हैं, जब पेट्रोल पर एक्साइज 9.48 रुपए थी, जो अब 32.98 हो चुकी है। इसी तरह डीजल पर एक्साइज 3.56 रुपए थी, जो अब 31.83 रुपए हो चुकी है। इस तरह बीते 70 सालों के दौरान जो सरसों का तेल 60 से 70 रुपए प्रति लीटर था, अब 200 रुपए को पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर सरसों तेल का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों पर पड़ा है।