Parambir Singh Letter: महाराष्‍ट्र CMO ने कहा- ऑफिशल ईमेल अड्रेस से नहीं आई चिट्ठी, साइन भी नहीं

Webvarta Desk: मुंबई (Mumbai News) के पूर्व पुलिस कमिश्‍नर परमबीर सिंह की चिट्ठी (Parambir Singh Letter) पर महाराष्‍ट्र की उद्धव सरकार (Uddhav Govt) घिरती नजर आ रही है। गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) की सफाई के बाद अब सीएम ऑफिस (Maharashtra CMO) की तरफ से बयान सामने आया है।

सीएम ऑफिस (Maharashtra CMO) का कहना है कि परमबीर सिंह की चिट्ठी (Parambir Singh Letter) शनिवार को शाम 4 बजकर 37 मिनट मिली थी। यह उनके ऑफिशल ईमेल अड्रेस से नहीं आई थी और इसपर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। नए ईमेल अड्रेस की जांच की जरूरत है। गृह मंत्रालय उनसे संपर्क की कोशिश कर रहा है।

इससे पहले मीडिया के सामने आए अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने कहा था कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। यह उन्‍हें बदनाम करने की साजिश है। सचिन वझे के गिरफ्तार होने के बाद कई दिनों तक परमबीर सिंह चुप क्यों थे, उन्होंने पहले क्यों बयान नहीं दिया। परमबीर सिंह को आरोपों (Parambir Singh Letter) को साबित करना होगा। वह उनके खिलाफ मानहानि का केस कर रहे हैं। विस्फोटक केस और मनसुख हिरेन की मौत की जांच को भटकाने के लिए परबीर सिंह ने साजिश रची है। सीएम उद्धव ठाकरे को उनके आरोपों पर एक निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।

पूर्व CP ने 100 करोड़ की वसूली के लगाए हैं आरोप

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मुंबई के पुलिस कमिश्‍नर पद से हटाए गए परमबीर सिंह (Parambir Singh Letter) ने अपनी चिट्ठी में अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर कई बड़े आरोप लगाए हैं। सिंह का दावा है कि सस्‍पेंड पुलिसकर्मी सचिन वझे को देशमुख ने हर महीने मुंबई के बीयर बार और रेस्‍तरां से 100 करोड़ की वसूली करने का टॉरगेट दिया था। उन्‍होंने यह भी कहा कि वझे को कई बार देशमुख ने अपने बंगले पर बुलाया था। वझे को देशमुख ने राजनीतिक संरक्षण दिया हुआ था।

बीजेपी ने देशमुख के इस्‍तीफे के साथ नार्को टेस्‍ट की मांग की

इन सबके बीच, भारतीय जनता पार्टी ने तत्‍काल अनिल देशमुख को पद से हटाते हुए उनके नार्को टेस्‍ट की मांग की है। पूर्व मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई बीजेपी नेताओं ने अनिल देशमुख पर निशाना साधा है। फडणवीस का कहना है कि देशमुख को पद से हटाते हुए सीएम उद्धव ठाकरे पूरे मामले की निष्‍पक्ष जांच करवाएं।