Dholera smart city project: गुजरात के धोलेरा स्मार्ट ग्रीन सिटी में बनी देश की पहली आर्टिफिशल नदी, जानें क्या है खास

पअहमदाबाद
कहा जाता है कि अगला विश्व युद्ध देशों के बीच पानी को लेकर होगा। भारत में जलश्रोत सूखते जा रहे हैं। कई राज्यों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। जगह-जगह तालाब खोदने और जलश्रोत बनाने का काम किया जा रहा है। इसी दिशा में भारत की पहली कृत्रिम नदी का निर्माण भी किया गया है। दावा है कि देश की यह पहली कृत्रिम नदी गुजरात के धोलेरा ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी में बनाई गई है।

अहमदाबाद से महज 25 किलोमीटर दूर धोलेरा इलाका है। यहां पर आर्टिफिशियल रिवर को आकार दिया गया है। नदी बनी और पिछले महीने में हुई मूसलाधार बारिश से यह नदी लबालब हो गई है।

कोरोना काल में बन गई नदी
अंबरीश पराजिया ने बताया कि दुनिया को आश्चर्यचकित करने वाला यह कार्य वैश्विक महामारी के दौरान किया गया। गुजरात के भाल प्रदेश से जो परिचित हैं वह भली भांति जानते हैं कि यह पूरा क्षेत्र सदियों से मीठे पानी की किल्लत में जी रहा था।

5000 साल पहले हुआ करता था बंदरगाह
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरब सागर के तट पर बसे गुजरात के सबसे बिछड़े क्षेत्र धोलेरा में विश्व कि सबसे बड़ा ग्रीन फील्ड स्मार्ट सिटी निर्माण करने की नींव रखी थी। अंबरीश पराजिया ने बताया कि इस जगह पर करीब 5000 वर्ष पहले विश्वस्तरीय बंदरगाह हुआ करता था।

दुबई और चीन के शंघाई की तरह बनी नदी
धोलेरा का 25 वर्ग किलोमीटर का पहला फेज बनकर तैयार है जहां दुबई और चीन के शंघाई शहर की तरह आर्टिफिशियल रीवर बनाई गई है जो करीब 10 किलोमीटर लंबी और 100 मीटर से भी अधिक चौड़ी है। इस नदी के ऊपर अभी 6 ब्रिज बनाए गए हैं और नदी से सटा करीब 5 किलोमीटर लंबा वर्टिकल मरीन गार्डन भी बनाया गया है।

3 करोड़ 84 किलोमीटर क्षेत्रफल का प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर बना
अंबरीश पराजिया ने बताया कि इस से नदी में जो पानी भरा है वह पूरे शहर के लिए साल भर इस्तेमाल होगा। इतना ही नहीं यहां 50 वर्षों तक अत्याधुनिक और जिसको कभी खोदना न पड़े ऐसा 3 करोड़ 84 किलोमीटर क्षेत्रफल का प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया गया है। यहां पर स्ट्रोम लाइन की बड़ी टनल भी बनी हुई है जिसमें बारिश का पानी इस टनल के अंदर से होते हुए सीधे नदी में जाएगा।

सिंगापुर के बाद भारत का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट होगा बेस्ट
पूरे विश्व में सर्वाधिक एफिशिएंट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सिंगापुर का माना जाता है जिसमें से 7 पर्सेंट वॉटर लॉस होता है धोलेरा में बनने वाला वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम 5 पर्सेंट वॉटर लॉस के साथ कार्य करेगा जो पूरे विश्व का सबसे एफिशिएंट होगा।

देश में विश्वस्तरीय प्रॉजेक्ट पर हो रहा काम
अंबरीश पराजिया ने कहा कि इस सरकार ने विश्वस्तरीय प्रॉजेक्ट पर ही काम किया है। चाहे वह सबसे ऊंची प्रतिमा हो, सबसे लंबी टनल हो, सबसे लंबा एक्सप्रेस हाईवे हो, सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली विश्व की बड़ी इकोनॉमी हो, सबसे ज्यादा डिजिटल पेमेंट का ट्रांजैक्शन हो, सबसे तेज गति से खड़ा हो रहा रेलवे नेटवर्क हो, विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेट का स्टेडियम हो या ऐसे ही विश्व के सबसे बड़े शहर। उन्होंने कहा कि धोलेरा विश्व की सबसे बड़ी बनने वाली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है।