राजस्थान उच्च न्यायालय को मिले पांच नए न्यायाधीश, अब चीफ जस्टिस सहित 27 पद भरे, जानिए अभी कितने हैं खाली

हाइलाइट्स

  • राजस्थान में न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज
  • हाईकोर्ट को मिले 5 नए जज
  • अब चीफ जस्टिस सहित 27 पद भरे, 23 अभी भी खाली

जयपुर/ जोधपुर, ललिता व्यास
भारत के महामहिम ने संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इनमें 3 वकील कोटे से हैं , तो वहीं दो न्यायिक अधिकारी कोटे से है। भारत सरकार की एडिशनल सेक्रेटरी राजिंद्र कश्यप ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए अधिवक्ता कोटे से फ़रज़न्द अली, सुदेश बंसल, अनूप कुमार ढंड तथा जूडिशल ऑफिसर कोटे से विनोद कुमार भरवानी और मदन गोपाल व्यास को राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश को नियुक्त किया है। जोधपुर के विद्वान अधिवक्ता फ़रज़न्द अली की नियुक्ति की खबर मिलते ही जोधपुर के न्याय जगत से जुड़े लोगों में हर्ष की लहर दौड़ गई। अली के निवास पर बधाई देने वालो का तांता लग गया। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ व जयपुर पीठ में जून 2021 तक मुकदमों की संख्या करीब साढ़े पांच लाख तक पहुंच गई है, लेकिन अब नए जज मिलने से जल्द ही कई केसों का निपटारा जल्द होगा।

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कौन है जस्टिस फरजंद अली
चित्तौडगढ़ में जन्में जस्टिस फरज़न्द अली के पिता दौलत अली भी नामी वकील रहे हैं। नीमच से कानून की पढ़ाई करने के बाद वर्ष 1992 में उन्होंने चित्तौड़गढ़ में वकालत शुरू की। इसके बाद साल 2006 में अली चित्तौड़गढ़ से जोधपुर आये और राजस्थान उच्च न्यायालय में वकालत प्रारंभ की। साथ ही कम समय में राजस्थान उच्च न्यायालय के नामी वकीलों में इनका नाम शुमार कर लिया।जस्टिस अली ने विगत तीन दशकों में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, माननीय उच्चतम न्यायालय व देश के अन्य उच्च न्यायालयों में बड़े मामलों में पैरवी की। इसके अलावा वे कई सरकारी विभागों सहित भारत संघ के भी वकील रहे । कई बड़े व्यावसायिक मामलों में भी पैरवी की। जनवरी 2019 में फ़रज़न्द अली को माननीय उच्च न्यायालय में अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया गया। वहीं अब जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।

अभी भी 23 जजों के पद खाली
उल्लेखनीय है कि अब राजस्थान हाईकोर्ट में 25 जज हैं। जस्टिस संगीत लोढ़ा मंगलवार को रिटायर होंगे। ऐसे में हाइकोर्ट में 50 जजों के मुकाबले चीफ जस्टिस (सीजे) सहित 27 जज हो जाएंगे। जस्टिस एसपी शर्मा का जनवरी में पटना ट्रांसफर होगा। इसके बाद जजों की संख्या 26 रह जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में अभी 23 जजों के पद राजस्थान में खाली है।

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केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू ने भी दिया था भरोसा
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में जजों की कमी की मुद्दा हाल ही कानून मंत्री किरण रिजिजू के सामने भी उठाया गया था। हाल ही जुलाई में दिल्ली में हुए बीसीआई के कार्यक्रम में केन्द्रीय विधि मंत्री ने राजस्थान में जजों की कमी को जल्द दूर करने का भरोसा भी दिलाया था। वहीं इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी कोटे और वकील कोटे से हाईकोर्ट जज बनने के लिए नाम भेज रखे थे।