पैंडोरा पेपर्स से जुड़ा वसुंधरा राजे का भी कनेक्शन, बहू निहारिका की मिली टैक्स हैवन बैलीज में फर्म

जयपुर
इंटरनैशनल कंसोर्टियम ऑफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्‍ट्स (ICIJ) की ओर से पैंडोरा पेपर्स के जरिए हाल ही 300 भारतीयों के नाम के खुलासे के बाद राजस्थान से जुड़ा भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। ताजा मामला यह है कि दिग्गज बीजेपी नेत्री और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के परिवार के सदस्य का नाम भी अब पैंडोरा पेपर्स की सूची में सामने आया है। मीडिया रिपोटस के अनुसार राजे की बहू यानी सांसद दुष्यंत सिंह की पत्नी निहारिका राजे भी उन लोगों में शामिल है, जिन्होंने व्यवसायिक गतिविधियों की जानकारी छुपाई है। उनका नाम पैंडोरा पेपर्स में है। बताया गया है कि सेंट्रल अमेरिका के टैक्स हैवन बेलीज में एक कंपनी की ‘बेनिफिशियल ओनर’ हैं।

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सारे शेयर निहारिका राजे के एड्रेंस जुड़े
पनामानियन लॉ फर्म ऐल्कोगल के रिकॉर्ड के मुताबिक निहारिका राजे ऑक्टाविया लिमिटेड नाम की कपंनी से मुनाफा लेती रही हैं। वहीं 12 नवंबर 2010 पनामा से जुड़ी रेंडर ओवरसीज एसए नाम की कंपनी ने कहा था कि अमेरिकी का बेलीज में 60 मार्केट स्क्वायर में स्थित ओक्टालिया लिमिटेड में उनका कोई इंटरेस्ट नहीं है। कंपनी ने बताया था कि इसमें सारे शेयर निहारिका राजे के एड्रेंस से जुड़े हैं। रेंडर ओवरसीज एसए ने बताया था कि दिल्ली में भीकाजी कामा प्लेस के फ्लाइओवर के पास, लेखा विहार का एड्रेस है और इसकी बेनिफिशियल ओनर निहारिका राजे हैं। लोकसभा की वेबसाइट के मुताबिक यह एड्रेस दिवंगत विजय राजे सिंधिया का है जो कि वसुंधरा राजे की मां थीं।

दुष्यंत सिंह ने आक्टोविया लिमिटेंड का नहीं कर रखा है जिक्र
मीडिया रिपोटर्स के अनुसार जहां पैंडोरा पेपर्स के जरिए जहां यह बात सामने आई है कि वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह की पत्नी निहारिका ओक्टालिया लिमिटेड नामक कंपनी से जुड़ी हुई है। वहीं हैरानी की बात यह है कि दुष्यतं सिंह ने लोकसभा चुनाव में दिए गए अपने ब्यौरे में इस बात का जिक्र नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि साल 2019, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दुष्यंत सिंह ने पत्नी सहित अपनी संपत्ति की जानकारी दी थी लेकिन इसमें कहीं भी ऑक्टेविया लिमिटेड का जिक्र नहीं किया गया था।

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क्या है पैंडोरा पेपर्स
उल्लेखनीय है कि पैंडोरा पेपर्स पत्रकारों के एक समूह की ओर से पड़ताल के बाद जारी की गई वह सूची है ,जिसमें ऐसे लोगों के नाम हैं जो कि टैक्स बचाने या फिर कानूनी फेरों से बचने के लिए अपने पैसे को किसी ऐसी जगह इन्वेस्ट करते हैं। जहां के कानून इस काम में सहयोगी होते हैं। वहां के कानून के हिसाब से यह गलत नहीं होता लेकिन भारतीय कानून इसकी इजाजत नहीं देता है। इसे अनैतिक माना जाता है। इस सूची में दुनियाभर के कई दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं।

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