12.1 C
New Delhi
Monday, January 30, 2023

स्वच्छ गुजरात और स्वस्थ गुजरात का नारा बना मजाक?

-नसीम शेख-

-ढभोई के पी.एच.सी. की बीमारी का इलाज कौन और कब करेगा?

वडोदरा। ढभोई नगर के लोगों के स्वास्थ्य के बेहतर उपचार के लिए, सरकारी अस्पताल सी.एच.सी. केंद्र बना हुआ है । इसके अलावा नगर की एक शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है, जिसमें लैब टेक्नीशियन भी हैं तथा प्रसूता महिलाओं की देखभाल के लिए आशा वर्कर भी हैं। ढभोई नगर की 60 हजार की आबादी के के लिये पी.एच.सी. में एमपीएच कार्यकर्ता सहित, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया गया है जबकि ढभोई के सी.ऐच.सी अस्पताल में सुविधाओं का अभाव है यहां गायनेकोलॉजिस्ट होने के बावजूद आपात स्थिति में प्रसुता मरीजों को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने की आवश्यकता पडती है।

जहां प्रसुता महिला को आर्थिक नुकसान सहन करना पडता है उन्हें निजी वाहनों का उपयोग करना होगा या 108 सेवा का लाभ लेना होगा। पी.एच.सी. के मेडिकल ऑफिसर को क्षेत्र का दौरा करने के लिए निजी वाहन या रिक्शा लेकर जाना पड़ता अस्पताल में चिकित्सक के लिए शासकीय वाहन उपलब्ध नहीं है। आधिकारिक सूत्रों से पता चला है कि ढभोई की जनता के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पी.एच.सी. ने एम्बुलेंस की मांग पर उच्च अधिकारियों से की है लेकिन अधिकारियों ने अनुदान न होने का बहाना बनाकर बात टाल दी।

जहां 30,हजार की आबादी वाले पी.एच.सी. सेंटर में एंबुलेंस दीजाती है, पर ढभोई में 60, हजार की आबादी के पी.एच.सी. केंद्र के लिए एंबुलेंस का अभाव है जिसके चलते आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ए.एन.सी. महीलाओं को आगे की जांच के लिए पारुल अस्पताल या धीरज अस्पताल ले जाने के लिए वहां की एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है। इस कारण आशा कार्यकर्ताओं का काम बाधित होने की आशंका रहती है।सी.एच.सी में डॉ.आरती चतुर्वेदी गायनेकोलॉजिस्ट पदस्थ होने के बावजूद मरीजों को सुविधाओं के अभाव में महंगे निजी अस्पताल जाना पड़ता है जिसकी शिकायत सी.डी.एच.ओ. डॉ. टीलावत को जमा की गई है।ऐसे में गुजरात सरकार का स्वच्छ गुजरात और स्वस्थ गुजरात का नारा मजाक बनकर रहगया है?

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

10,370FansLike
10,000FollowersFollow
1,114FollowersFollow

Latest Articles