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Monday, September 26, 2022

Farmer Suicide: हैप्पी बर्थडे मोदी साहब…इमोशनल नोट लिखा और फिर कर्ज में दबे पुणे के किसान ने की आत्महत्या

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 42 वर्षीय किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान ने सुइसाइड 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर की। मरने से पहले किसान का लिखा गया सुइसाइड नोट हिला देने वाला है। उसने नोट में लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे मोदी जी’ उसने यह भी लिखा कि प्याज के लिए एमएसपी नहीं मिलने पर वह दुखी था। उसने अपने नोट में पीएम से आग्रह किया कि वह प्याज और अन्य फसलों के लिए गारंटीकृत मूल्य सुनिश्चित करें।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुसाइड नोट में सहकारी समिति से जुड़े लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं। किसान ने लिखा है कि किसानों के साथ सहकारी समिति के अधिकारी गालियों से बात करते हैं। उन लोगों से बहुत ही अभद्र वेब वार्ता का इस्तेमाल किया जाता है। उधारदाताओं (वित्त फर्मों) की ओर से धमकी दी जाती है।

नुकसान पर होता गया नुकसान
मामला जुन्नार तहसील के वडगांव आनंद गांव का है। किसान दशरथ केदारी ने पहले कीटनाशक खाया और फिर तालाब में कूद गया। आले फाटा थाने के एसआई प्रमोदी क्षीरसागर ने बताया कि केदार ने प्याज की खेती की थी। लेकिन फसल का संतोषजनक मूल्य नहीं मिलने के कारण उन्होंने 1.5 लाख से 2 लाख रुपये की कृषि उपज का भंडारण किया। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस बार उन्हें बेहतर कीमत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बारिश से प्याज खराब हो गया है। केदारी को सोयाबीन और टमाटर की फसल को भी नुकसान हुआ है।

‘खेती जुआ बन गई है’
क्षीरसागर ने कहा, ‘उन्होंने एक सहकारी समिति से उधार लिया था। उनके लिखे गए सुसाइड नोट में किसान ने पीएम मोदी से प्याज जैसी कृषि उपज के लिए एमएसपी देने के लिए कहा है और उल्लेख किया है कि खेती जुआ बन गई है।’ मराठी में लिखे नोट में कहा गया है, ‘आज, मैं आपकी निष्क्रियता के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हूं। कृपया हमें हमारा उचित गारंटीकृत बाजार मूल्य दें।’

सहकारी समिति के अधिकारियों पर अभद्रता करने का लगाया आरोप
अधिकारी ने कहा कि सुसाइड नोट पर हस्ताक्षर करने के बाद, केदारी ने नोट के निचले भाग पर पीएम मोदी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केदारी के एक रिश्तेदार ने सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित सुसाइड नोट में किसान ने उधारदाताओं के धमकी देने और सहकारी समिति द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्दों का जिक्र किया।

‘न्याय के लिए कहां जाएं’
केदारी ने पूछा कि न्याय के लिए किससे संपर्क करें और कहा कि किसानों की तरह कोई भी जुआ नहीं खेलता है। नोट में यह भी कहा गया है कि जहां प्याज और टमाटर की फसल तो कोई कीमत नहीं मिल रही। वहीं बारिश और कोविड के बाद किसान संकट में है। मृतक किसान ने पीएम मोदी से कृषि उपज के लिए गारंटीकृत मूल्य देने के लिए भी कहा और यह भी कहा कि वह (मोदी) कृषि पर नियंत्रण नहीं रख सकते।

अधिकारी ने नोट के हवाले से कहा कि किसान ने कहा कि वह अपने जीवन से तंग आ चुका है और राज्य सरकार पर प्याज और टमाटर की उचित कीमत नहीं देने का आरोप भी लगाया। इस बीच, वसंतराव नाइक शेती स्वावलंबन मिशन (वीएनएसएसएम) के अध्यक्ष और शिवसेना के प्रवक्ता किशोर तिवारी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महाराष्ट्र में चल रही किसान आत्महत्याओं को रोकने और पुणे में मृतक किसान दशरथ केदारी के गांव का दौरा करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

एनसीपी ने साधा निशाना
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की। एनसीपी के प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) पर जुन्नार (पुणे जिले में) के किसान दशरथ लक्ष्मण केदारे ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने देश में किसानों के संकट में फंसने के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘हम मोदी सरकार की निंदा करते हैं। जब कोई अन्नदाता आत्महत्या करता है, तो सरकार को इस पर जवाब देना होता है।’

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