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Thursday, September 29, 2022

पर्सनालिटी और बॉडी लैंग्वेज को लेकर CM गहलोत को भगवान से शिकायत, PM मोदी की छवि के सामने फील करते हैं इंस्क्योर?

जयपुर: कांग्रेस के अध्यक्ष पद की रेस में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। अगर अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पहुंचते हैं तो उन्हें हर तरीके से परखा जाएगा। किसी भी शख्स के पब्लिक लाइफ में आते ही लोग उनके बॉडी लैंग्वेज और पर्सनालिटी पर भी ध्यान देते हैं। खासकर राजनीति में इन दो बातों का काफी महत्व होता है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि पब्लिक लाइफ में किसी भी नेता की छवि बनने में बॉडी लैंग्वेज और पर्सनालिटी का अहम रोल होता है। भारतीय राजनीति के मौजूदा दौर को देखें तो बॉडी लैंग्वेज और पर्सनालिटी के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अलग छवि है। अगर अशोक गहलोत को कांग्रेस का नेतृत्व करने का मौका मिलता है तो बॉडी लैंग्वेज और पर्सनालिटी के मामले में भी पीएम मोदी के सामने उनकी तुलना की जाएगी।

खुद की पर्सनालिटी से खुश नहीं हैं CM अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राजनीति का जादूगर कहा जाता है। उन्होंने कई मौकों पर इसे सही भी साबित किया है। बेहद साधारण परिवार से आने वाले गहलोत राजस्थान जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री के पद पर हैं। इतना ही नहीं, अशोक गहलोत की यह राजनीतिक काबिलियत ही है कि उनका नाम देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चल रहा है। इतना बड़ा-बड़ा ओहदा हासिल करने के बाद भी खुद अशोक गहलोत अपनी पर्सनालिटी और बॉडी लैंग्वेज को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।

‘भगवान ने पर्सनालिटी और बॉडी लैंग्वेज ऐसी दी है तो मैं क्या करूं’

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इसी साल अप्रैल में भीमराव आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि उन्हें देखकर कहीं से नहीं लगता है कि वह मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने यह भी कहा था, ‘मैं मुख्यमंत्री जैसा नहीं लगता। भगवान ने पर्सनालिटी और बॉडी लैंग्वेज ऐसी दी है तो मैं क्या करूं।’ सीएम गहलोत ने भले ही ये लाइन मजाकिया अंदाज में कही थी, लेकिन इससे समझा जा सकता है कि ये बातें कहीं ना कहीं उनके जेहन में है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर राजनीति में इतना ऊंचा मुकाम हासिल किया है जिसके बाद इन बातों का खास मतलब नहीं रह जाता है।

PM मोदी से होगी गहलोत की तुलना!

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कांग्रेस और बीजेपी की दो ऐसी पार्टियां जिनका पूरे देश में संगठन है। कांग्रेस करीब 6 दशक से ज्यादा वक्त तक केंद्र में सरकार चला चुकी है और बीजेपी करीब 14 साल सत्ता में रह चुकी है। पिछले दो लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। इसके पीछे एक मजबूत वजह पीएम मोदी की दमदार छवि को टक्कर देने वाला कांग्रेस में कोई चेहरा नहीं होना भी बताया जाता है। पिछले 10-12 साल में राहुल गांधी पीएम मोदी के सामने अपनी मजबूत छवि गढ़ने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। ऐसे में अगर कांग्रेस गैर गांधी परिवार से अशोक गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद सौंपती है तो स्वभाविक है कि पीएम मोदी से उनकी तुलना की जाएगी।

मोदी से नजदीकी दर्शाने की कोशिश में रहते हैं बाइडन

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सोशल मीडिया के इस दौर में दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के चेहरे की तुलनात्मक देखने को मिलेगी। पीएम मोदी जहां अच्छे कपड़े, ओजस्वी भाषण शैली से ना केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत प्रजेंस स्थापित करते रहे हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि मौजूदा दौर में पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय नेताओं की लिस्ट मे सबसे बड़े शोमैन के रूप में उभरे हैं। इसकी बानगी हर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में देखने को मिलती है। दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्राध्यक्ष जो बाइडन भी आगे बढ़कर पीएम मोदी के प्रति अपनी नजदीकी दर्शाने की कोशिश करते हैं।

सरल शैली में भाषण देते हैं अशोक गहलोत

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वहीं अशोक गहलोत खुद को सरल दिखाने की कोशिश करते हैं। गहलोत का पहनावा और चलने का अंदाज बेहद सामान्य होता है। वह किसी खास मौकों पर भी आमतौर पर कोई विशेष परिधान पहनने के बजाय सामान्य कुर्ता पायजामा में ही नजर आते हैं। जहां तक भाषण शैली की बात है तो अशोक गहलोत बेहद सामान्य शब्दों में अपनी बात रखते हैं। वह मंच से कभी भी पीएम मोदी की तरह ओज नहीं दर्शाते हैं।

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