मुस्लिम महिलाओं ने रामलला के लिए भेजी राखी, कहा- भगवान राम हैं ‘इमाम-ए-हिंद’

New Delhi: Muslim Women Sent Rakhi for Ramlala in Ayodhya: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की कुछ मुस्लिम महिलाओं ने रक्षाबंधन के मौके के लिए भगवान राम के लिए राखियां तैयार की हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सहयोग से राखियां राम मंदिर ट्रस्ट को भेजी गई हैं।

हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक सौहार्द की यह मिसाल मुस्लिम राष्ट्रीय मंच महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संयोजिका ऐडवोकेट शाहीन परवेज ने पेश की है। शाहीन के मुताबिक, उन्होंने अपनी साथी रेशमा, नीलम, शबनम, फरहीन और फरजाना के साथ मिलकर रामलला की कलाई पर सजाने के लिए राखियां तैयार की हैं। 3 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन रामलला की कलाई पर यह राखियां बांधे जाने की अपील की गई है।

ऐडवोकेट शाहीन परवेज ने जाति और धर्म के नाम पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिम किसी मुगल या बाबर के वंशज नहीं हैं। बल्कि हर भारतीय मुस्लिम के दिल में भगवान श्रीराम बसते हैं। इतना ही नहीं अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में मुस्लिमों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जिन्होंने जात-पात और भेदभाव के बंधनों से ऊपर उठकर अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए सहयोग किया है।

‘इमाम-ए-हिंद हैं भगवान श्रीराम’

शाहीन परवेज ने भगवान श्रीराम को ‘इमाम-ए-हिंद’ बताते हुए उन्हें हिंदुस्तान की पहचान बताया। ऐडवोकेट शाहीन परवेज ने 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी जाने पर हर्ष जाहिर किया। उन्होंने दावा किया कि वह शुरू से ही अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने की पक्षधर रही हैं।

उन्होंने जहां राम मंदिर निर्माण के लिए राम मंदिर ट्रस्ट को बधाई दी। वहीं, राम मंदिर की नींव रखे जाने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस कार्यक्रम में भागीदारी किए जाने के कार्यक्रम को लेकर पीएम मोदी को भी बधाई दी।

राखी पर ‘जय श्रीराम’ लिख कर जताई आस्था

मुस्लिम महिलाओं द्वारा रामलला के लिए बनाई गई ये राखियां बेहद ही मनमोहक हैं। भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति और मोर पंखों से सुशोभित इन राखियों में जय श्रीराम लिखकर मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्रीराम में अपनी आस्था होने का अकाट्य प्रमाण भी प्रस्तुत किया है।

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