MP: शिवराज कैबिनेट का विस्तार, सिंधिया समर्थकों को ‘अमृत’, BJP वफादारों को फिर मिला ‘विष’

Webvarta Desk: उपचुनाव के बाद शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet) का विस्तार हो गया है। राजभवन में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) खेमे के 2 खास लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली है।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Anandi Ben Patel) ने तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) और गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh rajput) को मंत्री पद की शपथ दिलाई है। वहीं, बीजेपी के पुराने नेताओं को इस बार भी इंतजार करना पड़ा है। इस रेस में कई नेता थे लेकिन संगठन में उनके नामों पर सहमति नहीं बन पाई है

दरअसल, तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत पहले कांग्रेस में थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ दोनों बीजेपी में शामिल हुए थे। उसके बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई। सरकार गिरने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मंत्री पद की शपथ ली थी। चौथी बार सीएम बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने पहली बार जब कैबिनेट का विस्तार किया था, तब 5 मंत्रियों ने शपथ ली थी। उसमें गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट शामिल थे।

लेकिन 6 महीने के अंदर दोनों चुनाव नहीं जीत पाए थे। इसलिए उपचुनाव से पहले दोनों को इस्तीफा देना पड़ा था। उपचुनाव में दोनों जीत हासिल की है। उसके बाद से ही कैबिनेट विस्तार को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान से कई बार मुलाकात की थी। एक जनवरी को सरकार ने कैबिनेट विस्तार को लेकर फैसला किया था। उसके बाद यह तय हो गया था कि 3 जनवरी को कैबिनेट का विस्तार होगा।

बीजेपी में थे कई दावेदार

शिवराज कैबिनेट में 5 मंत्रियों के पद खाली हैं। इन दोनों की शपथ के बाद 3 पद अभी भी खाली हैं। बीजेपी के कई पुराने लोग इन पदों पर दावेदारी जता रहे थे। इनमें राजेंद्र शुक्ल, गिरीश गौतम, केदारनाथ शुक्ला, गौरीशंकर, बिसेन, संजय पाठक, अजय विश्नोई, जालम सिंह पटेल, सीतासरण शर्मा, रामपाल सिंह, मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला और हरिशंकर खटीक थे। लेकिन इस बार भी किसी को मौका नहीं मिला है। कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे।