मोती रेजीडेंसी केस: सोसायटी मैनेजमेंट ने घटना पर दुख जताते कहा- ‘लिफ्ट कंपनी जिम्मेदार.. होगी सख्त कार्यवाही’

New Delhi: गाजियाबाद (Ghaziabad Newss) के मोती रेजीडेंसी (Moti Residency) कॉलोनी में गुरुवार शाम को लिफ्ट में खराबी की वजह से 76 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता की मौत हो गई।

प्रत्यदर्शियों का कहना है कि लिफ्ट का गेट तो खुल गया ,लेकिन लिफ्ट नहीं आई। जिस कारण वृद्ध तीसरे फ्लोर से नीचे ग्राउंड फ्लोर के गड्ढे में आ गिरे। बिल्डर और मोती रेजीडेंसी सोसायटी (Moti Residency) प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कॉलोनी के लोगों ने जमकर हंगामा किया। मृतक के पुत्र ने बिल्डर के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

कंपनी प्रबंधन ने रखा अपना पक्ष रख लिफ्ट कंपनी को बताया जिम्मेदार

वहीं, मोती रेजीडेंसी (Moti Residency) सोसायटी प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी करते हुए अपना पक्ष रखा है। सोसायटी प्रबंधन ने बुजुर्ग की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा है कि हम इस दुख की घड़ी में हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। हादसे से हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है लेकिन हम इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लिफ्ट कंपनी के ऊपर कार्यवाही करेंगे।

लिफ्ट कंपनी से मांगा जवाब

कंपनी प्रबंधन द्वारा जारी अपने पत्र में कोने एलिवेटर्स के एमडी से स्पष्टीकरण मांगा है कि ये हादसा कैसे हुआ जबकि उनका मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट शुरू से कोने एलिवटर्स के पास है जब से लिफ्टें लगाई गई हैं इसलिये इनके मेंटिनेंस रखरखाव व सुरक्षा संबंधित सभी जिम्मेदारी कोने एलिवटर्स की बनती है।

कॉन्ट्रैक्ट का दिया हवाला

मोती रेजीडेंसी सोसायटी प्रबंधन ने लिफ्टों की ठोस सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक और कॉन्ट्रैक्ट 1 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2021 तक कोने एलिवटर्स से किया है जिसमें स्पष्ट है कि लिफ्ट का रखरखाव करते समय आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया जाएगा और इसका वायदा भी किया गया था, फिर यह हादसा कैसे हो गया।

लिफ्ट कंपनी के एडवांस रिमोट मॉनिटरिंग का दावा फेल

कोने एलिवटर्स के इस कॉन्ट्रैक्ट में साफ लिखा गया है कि कंपनी लिफ्ट की सुरक्षा के लिए 24×7 क्लाऊड कनेक्टेड सर्विसेज की शुरुआत कर रही है। इसके तहत लिफ्ट कंपनी एडवांस रिमोट मॉनिटरिंग और विश्लेषण की तकनीक का प्रयोग करेगी।

लिफ्ट लगाने वाली कंपनी कोने एलिवेटर्स का कहना था कि इस आधुनिक तकनीक से हम लिफ्ट में आने वाली खराबी का पहले ही पता लगाकर उसे ठीक तुरंत कर देंगे। अब सोसायटी प्रबंधन यह पूछना चाहती है कि जब लिफ्ट कंपनी लिफ्ट में आई खराबी का पहले से पता लगाने के लिए इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर रही है तो फिर यह हादसा कैसे हो गया।

लिफ्ट कंपनी के जवाब का इंतजार

सोसायटी प्रबंधन कहना है कि आधुनिक तकनीक और शानदार ट्रैक रेकॉर्ड को देखते हुए ही अपने प्रोजेक्ट में लिफ्ट लगाने के लिए कोने एलिवेटर्स का चयन किया था, पर लिफ्ट में आई खराबी और एक व्यक्ति की मौत के बाद लिफ्ट की क्वॉलिटी पर सबके मन में सवाल खड़े हो गए हैं। कोने एलिवेटर्स भविष्य में किस तरह व्यवाहारिक रूप से सुनिश्चित करेगी कि आने वाले समय में से ऐसे हादसे कभी न होंगे। मोती सोसायटी प्रबंधन लिफ्ट कंपनी से स्पष्टीकरण के लिए लगातार संपर्क में है और उनका जबाव मिलते ही आप सबको अवगत करा दिया जाएगा।

गौरतलब है कि 13 अगस्त की शाम को मोती रेजीडेंसी सोसायटी में लिफ्ट गड़बड़ होने की वजह से एक बुजुर्ग चार मंजिल नीचे गिरकर मौ’त हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजन और सोसायटी निवासियों ने अपार्टमेंट बनाने वाले बिल्‍डरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

गेट खुला लेकिन नहीं आई लिफ्ट

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार, मोती रेजिडेंसी में रहने वाले केदारनाथ गौर (74) नाम के यह बुजुर्ग बेसमेंट में बेहोश पड़े थे। सोयायटी के रहने वाले एक शख्‍स जब वहां अपनी कार पार्क करने आए तो उन्‍होंने देखा कि लिफ्ट का दरवाजा खुला था पर लिफ्ट नहीं आई थी। वहीं उन्‍होंने लिफ्ट की शाफ्ट में फंसे केदारनाथ को देखा।

लोह की शाफ्ट काट कर बाहर निकाला

केदारनाथ बुरी तरह घायल थे और खून में लथपथ थे। सोसायटी के मेंटेनेंस विभाग ने लोहे की शाफ्ट को काटकर उन्‍हें बाहर निकाला। एक निजी अस्‍पताल में इलाज के दौरान घायल केदारनाथ की मौत हो गई।

बुजुर्ग शाम को घूमने निकले थे घर से

बिजली विभाग के रिटायर्ड इंजिनियर केदारनाथ गौर के बेटे राजेश ने बताया कि वह शाम 5 बजे सोसायटी में घूमने के लिए घर से निकले थे। उन्‍होंने लिफ्ट का बटन दबाया होगा दरवाजा खुलने पर अंदर पैर रखा होगा और इस तरह वह नीचे शाफ्ट में गिर गए होंगे।’ अनुमान लगाया जा रहा है कि इस दौरान हर बार लिफ्ट जब नीचे गई होगी वह केदारनाथ के ऊपर ही खड़ी होती होगी।

लोगों की शिकायत- अकसर रहती हैं लिफ्ट खराब

सोसायटी के रहने वालों ने मेंटेनेंस ऑफिस में जाकर अपना विरोध जताया। लोगों का कहना है कि इस सोसायटी में 500 परिवार रहते हैं, अकसर लिफ्ट खराब होती रहती है और लोग इसमें फंसते रहते हैं लेकिन इस पर मेंटेनेंस टीम ध्‍यान नहीं देती।

बिल्‍डर के खिलाफ एफआईआई दर्ज

मुरादनगर पुलिस स्‍टेशन के एसएचओ ने बताया कि केदारनाथ का शव पोस्‍टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार की शिकायत के आधार पर बिल्‍डर विश्‍वनाथ अग्रवाल और उसके दो बेटों असीम और पलाश के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *