नीतीश सरकार में 12वीं पास नेता को वित्त मंत्रालय, भर्ती घोटाले के आरोपी को शिक्षा मंत्रालय

New Delhi: बिहार में नीतीश कुमार (Nitish kumar) के नेतृत्व वाली सरकार (Bihar Nitish Govt) की मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मंत्रिमंडल के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अपने पास गृह, सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन विभाग के अलावा वे सभी विभाग रखे हैं जो किसी को आवंटित नहीं किये गए हैं।

उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद (Tarkishor Prasad) को वित्त, वाणिज्य कर, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा आपदा प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी तथा नगर विकास की जिम्मेवारी दी गई है। पिछली सरकार में वित्त विभाग सुशील कुमार मोदी के पास था जिन्हें इस बार नीतीश सरकार में स्थान नहीं मिला है।

राज्यपाल सचिवालय के बयान के अनुसार, राज्यपाल फागू चौहान ने भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish kumar) की सलाह से विभागों का कार्य आवंटित कर दिया।

12वीं पास ताराकिशोर प्रसाद को वित्त मंत्रालय देने पर विवाद

डेप्युटी सीएम तारकिशोर को 6 विभागों की जिम्मेदारी दे दी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि तारकिशोर प्रसाद पहली बार मंत्री बने हैं और उन्हें वित्त, वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं जलवायु, सूचना प्रावैधिकी, आपदा प्रबंधन, नगर विकास एवं आवास विभाग जैसे अहम मंत्रालय दिए गए हैं। तारकिशोर प्रसाद को इतने अहम मंत्रालय दिए जाने को लेकर इसलिए भी चर्चा हो रही है क्योंकि उन्होंने महज 12वीं तक की पढ़ाई की है।

पूरे विधानसभा चुनाव में एनडीए खेमे के नेता महागठबंधन के सीएम प्रत्याशी तेजस्वी यादव की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते रहे। हर जनसभाओं में एनडीए के नेता तेजस्वी के नॉन मैट्रिक होने की बात जोर शोर से उठाते रहे। अब 12वीं पास तारकिशोर प्रसाद को वित्त, वाणिज्य जैसे अहम मंत्रालय दिए जाने पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव पर सवाल उठाने वालों को क्या हो गया है जो पहली बार मंत्री बने कम पढ़े लिखे नेता को इतना अहम मंत्रालय दे दिया है।

शिक्षा मंत्री मेवालाल का भी रहा है विवादों से नाता

नीतीश कैबिनेट में शिक्षा मंत्री बनाए गए मेवालाल चौधरी का भी विवादों से नाता रहा है। मेवालाल चौधरी 2015 में पहली बार जेडीयू विधायक बने थे जबकि, इससे पहले तक वह शिक्षक के तौर पर सेवा दे रहे थे। उनके कुलपति रहते सबौर कृषि विश्वविद्यालय में साल 2012 में सहायक प्राध्यापक और जूनियर वैज्ञानिकों की बहाली हुई थी बताया जाता है कि उस नियुक्ति में धांधली की गई थी।

सबौर कृषि विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापकों व अन्य पदों की नियुक्ति में तत्कालीन कुलपति मेवालाल पर आरोप लगा था कि उन्होंने बिहार के 18 और दूसरे राज्यों के 87 को नौकरी दी थी। यानी 105 में से 18 ही बिहार मूल निवासी थे। कृषि विश्वविद्यालय में नियुक्ति घोटाले का मामला सबौर थाने में 2017 में दर्ज किया गया था। हालांकि इस मामले में उन्होंने कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी और अभी तक कोर्ट में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं किया गया है।

जीवेश मिश्रा पर कोरोना रूल को अपने हिसाब से यूज करने के हैं आरोप

नीतीश सरकार की कैबिनेट के सदस्य जीवेश कुमार को पर्यटन, श्रम और खनन मंत्री का पद दिया गया है। जीवेश मिश्रा का भी विवादों से नाता रहा है। भाकपा-माले ने बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा पर कोरोना काल में आरोप लगाया था कि सरकार दोहरी नीति अपना रही है।

जीवेश मिश्रा पर आरोप है कि कोरोना काल के दौरान जब सभी एहतियात बरत रहे थे तब वे दिल्ली से सीधे दरभंगा आ गए और क्षेत्र में भी घूम रहे थे, लेकिन उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उस वक्त उनपर आरोप लगे थे कि जब गरीब जनता दिल्ली पंजाब समेत देश के अन्य हिस्सों से लौटता है तो उसे 14 दिन आइसालेशन में रखा जाता है, लेकिन जीवेश मिश्रा सारे नियमों की अवहेलना कर क्षेत्र में घूमते रहे।

दूसरी डेप्युटी CM रेणु देवी को मिले ये मंत्रालय

उपमुख्यमंत्री रेणु देवी को पंचायती राज, पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा कल्याण तथा उद्योग विभाग सौंपा गया है। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले विजय कुमार चौधरी को ग्रामीण कार्य, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, सूचना-जनसंपर्क तथा संसदीय कार्य का मंत्री बनाया गया है। विजय कुमार चौधरी पिछले विधानसभा के स्पीकर थे। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी को भवन निर्माण, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक एवं विज्ञान प्रावैधिकी विभाग का मंत्री बनाया गया है।

विजेंद्र यादव को ऊर्जा, मद्य निषेध, योजना और खाद्य तथा उपभोक्ता मामलों के विभाग का मंत्री बनाया गया है। शीला कुमारी को परिवहन मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। हम (हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा) पार्टी के नेता जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन को लघु जल संसाधन, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण मंत्रालय दिया गया है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) पार्टी के नेता मुकेश सहनी को पशु एवं मतस्य संसाधन मंत्रालय दिया गया है।