हाथरस केसः दरवाजे पर मेटल डिटेक्टर, हर सदस्य के लिए 2-2 सिपाही.. किले में तब्दील हुआ गांव

New Delhi: उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras News) में पी’ड़िता के परिजन की सुरक्षा की मांग लगातार की जा रही थी। उत्तर प्रदेश सरकार (Yogi Govt) ने इस मांग पर ऐक्शन लेते हुए परिवार के हर सदस्य की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए हैं। इसके तहत पीड़िता के घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

बाहर से आने वालों को सघन चेकिंग के बाद ही गांव में घुसने की अनुमति मिल रही है। इतना ही नहीं पी’ड़िता के परिवार से मिलने वालों को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ रहा है। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

कोई बाहरी व्यक्ति साजिश के तहत कुछ ग’ड़ब’ड़ी न कर दे इसलिए ये सारे इंतजाम किए गए हैं। घर के हर सदस्य की सुरक्षा में 2-2 सिपाहियों को लगाया गया है। परिवार की महिला सदस्यों के महिला पुलिस को तैनात किया गया है।

बताया गया कि महिलाओं के शौचालय जाने के समय भी ये पुलिसकर्मी उनके साथ रहती है। पीड़िता के गांव में बाहरी लोगों के लिए खास नियम हैं। जैसे, वे चारपहिया-दोपहिया वाहन से गांव में दाखिल नहीं हो सकते। पांच से ज्यादा लोगों को एक साथ गांव में घुसने की अनुमति नहीं है।

गांव में क्या हैं हालात?

गांव के अंदर एक गहरा सन्नाटा पसरा है। बाहर किसी की बातचीत या बच्चों के शोरगुल की आवाज नहीं है। सिर्फ पुलिसवाले हैं। गांव तकरीबन सीज किया हुआ लगता है। गांव में घुसने के बाद पी’ड़िता के घर का पता जमीन पर जूतों के नि’शान को देखते हुए आसानी से पाया जा सकता है। यहां पी’ड़िता का घर किसी पुलिस चौकी सा दिखता है। गांव में जाने के बाद चार कारों का काफिला वहां से निकला। यह एसआईटी थी, जो परिवार के लोगों से एक अन्य चरण की बातचीत के लिए वहां आई थी।

परिवार की सुरक्षा कड़ी

परिवार की सुरक्षा के लिए वहां काफी इंतजाम किए गए थे। पीड़िता के घर के बाहर मेटल डिटेक्टर लगे हुए थे। यहां दो महिला कॉन्स्टेबल्स तैनात थीं, जो दोबारा पहचान पत्रों की जांच कर रही थीं। वहां प्रवेश करने वाले हर शख्स को अपना नाम, फोन नंबर, अड्रेस और ऑर्गेनाइजेशन का नाम एक रजिस्टर पर लिखना होता है। पीड़िता के घर के आसपास बहुत से पुलिसवाले सादे कपड़ों में तैनात किए गए हैं। परिवार और उनसे मिलने आने वाले लोगों का पल-पल उनकी कड़ी निगरानी में है।

पुलिसकर्मियों ने बताया कि घर के हर सदस्य की सुरक्षा में 2-2 सिपाहियों की ड्यूटी है। गांव में एक सीओ, तीन इंस्पेक्टर, दो महिला दरोगा और 21 कॉन्सटेबल तैनात किए गए हैं।

क्या था मामला

बता दें कि बीते 14 सितंबर को हाथरस (Hathras News) में एक दलित युवती के साथ गैं’गरे’प के बाद उसकी ह’त्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे थे। रे’प के आरो’प पर भी सवाल उठे और पोस्मॉर्टम के बाद पीड़िता के श’व को देर रात पुलिस के द्वारा जला दिए जाने को लेकर भी खूब बवाल हुआ।

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समेत तमाम दलों के नेता हाथरस (Hathras News) पहुंचकर पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने लगे। इसके बाद SIT जांच के बीच ही योगी सरकार ने मामले की CBI जांच की सिफारिश कर दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *