14 महीनों बाद रिहा हुई महबूबा मुफ्ती, बोली- संघर्ष जारी रहेगा जो हमसे छीना है उसे वापस लेना होगा

NEW DELHI: मंगलवार को 14 महीने के लंबे समय के बाद जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) की मुख्य मंत्री महबूबा मुफ़्ती (Mehbooba Mufti) को रिहा कर दिया गया।

बता दे कि कश्मीर में अनुछेद 370 हटने के बाद महबूबा मुफ्ती समेत तमाम नेताओ को भी नजरबंद किया हुआ था। इसके पहले फारुख अब्दुल्लाह, उमर अब्दुल्लाह समेत कई लोगो को रिहा किया जा चुका था। मंगलवाल को मेहबूब मुफ़्ती को भी रिहा कर दिया गया है।

5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से धारा 370 के प्रावधानों को हटाने के साथ ही पीएसए (PSA) के तहत 444 लोगों को हिरासत में लिया गया था इनमें से ज्यादातर लोगों को अब रिहा कर दिया गया है कुछ लोगों को इस शर्त पर रिहाई दी गई कि वे कोई भी राजनीतिक बयान जारी नहीं करेंगे हिरासत में लिए गए लोगों में मेहबूबा मुफ्ती के अलावा घाटी के प्रमुख बड़े नेता उमर अब्दुल्ला और फारुख अब्दुल्ला भी शामिल थे महबूबा को उनके आधिकारिक आवास पर ही बंगले में हिरासत में रखा गया था हिरासत के साथ ही प्रशासन ने इस बंगले को उप जेल घोषित किया था।

 

महबूबा मुफ्ती को पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया था तब से अब तक उनकी हिरासत की अवधि लगातार बढ़ाई जा रही थी। उनकी बेटी ने इसे जब अदालत में चुनोती दी तब अदालत द्वारा भी पूछा गया कि क्या आप किसी को हमेशा के लिए नजरबंद कर सकते है। बहरहाल 14 महीने बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उन्हें रिहा करने का फैसला किया है जम्मू कश्मीर के प्रमुख सचिव सूचना रोहित कंसल की जानकारी दी। रिहा होते ही उन्होंने बयानबाजी भी शुरू कर दी है उन्होंने अपने ट्विटर एकाउंट पर एक ऑडियो संदेश साझा किया है जिसमे उन्होंने एक संघर्ष की बात कही है।

आपको बता दें जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रिहा होते ही ऐलान किया है कि अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए वे फिर से संघर्ष करेगी और अपने ट्विटर अकाउंट पर करीब 1 मिनट 23 सेकंड के ऑडियो संदेश में महबूबा ने कहा मैं आज 1 साल से भी ज्यादा अर्से के बाद रिहा हुई हूं इस दौरान 5 अगस्त 2019 के उस काले दिन का काला फैसला हर पल मेरे दिल और रूह पर हर पल वार करता रहा। मुझे एहसास है कि यही कैफियत जम्मू कश्मीर के लोगों की भी रही होगी हम में से कोई भी शख्स उस दिन की बेइज्जती को नहीं भूल सकता।

उन्होंने अपने ऑडियो संदेश में आगे कहा दिल्ली दरबार ने गैर कानूनी गैर लोकतांत्रिक और गैर जरूरी तरीके से हम से छीन लिया उसे वापस लेना होगा बल्कि उसके साथ-साथ कश्मीर के मसले को हल करने के लिए जद्दोजहद जारी रखनी होगी इसके लिए हजारों लोगों ने अपनी जाने न्योछावर कि मैं मानती हूं कि यह रास्ता आसान नहीं है मुझे यकीन है की हौसले से यह दुश्वार रास्ता भी तय होगा आज जब मुझे रिहा किया गया है मैं चाहती हूं कि जम्मू कश्मीर के जितने भी लोग देश की जेलों में बंद हैं उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए।