कुशीनगर में सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव महिला समूहों पर, 1049 बनेगे सामुदायिक शौचालय

Maintenance of community toilets in Kushinagar

कुशीनगर, 18 जुलाई (ममता तिवारी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे सामुदायिक शौचालयों का रख-रखाव शासन ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला समूहों को देने का निर्णय लिया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बड़ी संख्या में सामुदायिक शौचालय का निर्माण जिले में किया जा रहा है। इन ग्राम पंचायतों पर आबादी के हिसाब से 3 लाख, 5 लाख और 7 लाख रुपये की धनराशि बेहतर मानक के साथ निर्मित कर रहीं हैं।

शासन द्वारा नियमित रूप से इनकी निगरानी भी रखी जा रही है। इन शौचालयों को बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है, इसलिए इनके नियमित रखरखाव, साफ-सफाई और इस्तेमाल की जिम्मेदारी सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला समूहों को देने का निर्णय लिया है। इन शौचालयों में साफ सफाई के लिए रनिंग वॉटर टैप का इंतजाम करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के निर्देशों पर गोरखपुर जिले में जिला पंचायत राज अधिकारी राघवेंद्र द्विवेदी ने जिले में 30 सितम्बर तक जिले में 1049 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जाना है। इन ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में मनरेगा मजदूर काम करेंगे।

मजदूरी भी मनरेगा के मद से अलग से मिलेगी। जिस ग्राम पंचायत में जहां सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जा रहा, ग्राम पंचायत निकटवर्ती महिला समूह को रख-रखाव की जिम्मेदारी लिखित रूप से सौपेंगी। सफाई कर्मी की तैनाती समेत सभी इंतजाम महिला समूह करेंगी। इस काम पर होने वाला वार्षिक व्यय दो समान किस्तों में पहले और छठवें माह में ग्राम पंचायत एक मुश्त महिला समूह को देंगी।

ऐसी ग्राम पंचायत जहां महिला समूह नहीं है, वहां ग्राम पंचायते सीधे इंतजाम कर सकती हैं। महिला के लिए आरक्षित शौचालय में महिला और पुरुष के लिए आरक्षित शौचालय में क्रमश: महिला और पुरुष केयर टेकर या सफाईकर्मी की नियुक्ति होगी।

ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त की धनराशि में 25 फीसदी धनराशि स्वच्छता के मद में मिलती हैं। इसी मद से 9000 रुपये मासिक महिला समूहों को शौचालयों के रखरखाव के लिए प्रदान करेंगे। इनमें 6000 रुपये सफाई कर्मी को कम से कम दिन में दो बार सफाई के लिए मिलेंगे। 500 रुपये प्रति माह बिजली, प्लंबिंग, नल-टोटी मरम्मत के मद में मिलेगा।

स्वच्छता सामग्री मसलन झाडू, ब्रश, वाईपर, स्पंज, कपड़े का पोछा, बाल्टी-मग के मद में 1200 रुपये हर 6 माह और 1000 रुपये प्रतिमाह साबुन, वाशिंग पाउडर, एयर फ्रेशर, ग्लब्स, हारपिक, मास्क, दस्ताने एवं एप्रेन के लिए मिलेंगे। इसके अलावा यूटिलिटी चार्जेज मसलन बिजली-पानी एवं कचरा निस्तारण के मद में 1000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। अन्य खर्च के रूप में 300 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। समूह की महिलाएं सामुदायिक शौचालय का संचालन और रखरखाव सुविधाओं की निगरानी करेंगी।

सफाई कर्मी को सफाई सामग्री, उपकरण उपलब्ध करना, शिकायत रजिस्टर बनाना और हर दिन दो बार सफाई सुनिश्चित कराएगा, जिम्मेदारी होगी। सफाई कर्मी की जिम्मेदरारी होगी कि वह हर दिन शौचालय साफ रखेगा। स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए मास्क, ग्लब्स का इस्तेमाल, सामुदायिक शौचालय में चोरी को रोकना और उसे व्यवस्थित रखना होगा।

‘जिला मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि ‘एनआरएलएम के महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं को उनके गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार नित नए कदम उठा रही है। सामूदायिक शौचालय के रखरखाव से उन्हें जोड़ना इसी की एक कड़ी है। मुझे उम्मीद है कि सामूदायिक शौचालयों रखरखाव का जिम्मा भी समूह की महिलाएं कौशल के साथ उठाएंगी।’’