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Saturday, December 3, 2022

किसान अनुबंध के बाद ही बटाईदार को सौंपे खेती तभी मिलेगी राहत और बीमा राशि

भोपाल। कृषकों और भू-स्वामियों द्वारा अपनी भूमि अन्य व्यक्तियों को धन या फसल का अंश भूमि स्वामी को देकर खेती के लिए भूमि दे दी जाती है जिसे सामान्य तौर पर बटाई, सिकमी, अन्य स्थानीय नामों से जाना जाता है। इस संबंध में मध्य प्रदेश भूमि स्वामी एवं बटाईदारो के हित संरक्षण अधिनियम 2016 के अनुरूप भूमि बटाई पर दिए जाने की मान्यता प्रदान की गई है। अधिनियम भूमि स्वामी बटाईदार दोनों के हितों का संरक्षण करता है। अब कोई भी भूमि स्वामी अपनी भूमि बटाई पर देने या किसी व्यक्ति

द्वारा बटाई पर लेने की वैधानिकता तभी मानी जाएगी जब दोनों पक्षों के द्वारा मध्य प्रदेश भूमि स्वामी बटाईदारों के हित संरक्षण अधिनियम 2016 के नियम चार के तहत अनुबंध निष्पादित किया हो। एक प्रति संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को उपलब्ध कराई हो। कोई भी बटाईदार, भूमि बटाई पर लेकर यदि वह फसल क्षति की देय राहत राशि, बीमा राशि और कृषि उपज का उपार्जन के लिए शासन द्वारा तभी स्वीकार माना जाएगा। जब भूमि स्वामी और बटाईदार के मध्य उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत अनुबंध निष्पादित हुआ हो। विधिवत अनुबंध के अभाव में उपरोक्त हित लाभ नहीं दिया जाएगा।

ई-खसरा और खतौनी लें किसान

राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत आयुक्त भू-अभिलेख एवं बन्दोबस्त म.प्र. ग्वालियर ने ई-खसरा परियोजना को लागू किया है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे ई-खसरा खतोनी ही लें। इस परियोजना के अन्तर्गत अनुबंधित फर्म द्वारा सभी तहसीलों में आई.टी. सेन्टर स्थापित किए गए है। जिनसे कृषकों को उनकी मांग अनुरुप प्रमाणित खसरा बी-1, नक्शा की प्रतिलिपियां नियत शुल्क प्रति पृष्ठ 30 रुपये लेकर उपलब्ध कराई जा रही है। कृषक अपने खाते की नकल, खेत का अक्श विभागीय बेवसाईट

https://linkprotect.cudasvc.com/url a=https%3a%2f%2fwww.mpbhulekh.gov.in&c=E,1,qahtFcAOjbfSMH9NlzIC_6NDoRTgFhpdlpcl-CqAuK8Q_HOz_1qSf6jqTDYItHbkPZ2_XDXScCK5GuKEEbotcG8hLwACQZF_crufhwNmB8NtAjwgXNd_Bz2RQ48,&typo=1 पर नि:शुल्क देख सकता है।

प्राकृतिक खेती के लिए पंजीयन पोर्टल पर

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वृहद कार्यक्रम चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में प्राकृतिक खेती करने के इच्छुक कृषकों के पंजीयन के लिए पोर्टल तैयार किया गया है। किसानों प्राकृतिक खेती के

लिए आनलाईन पंजीयन करने के लिए प्रक्रिया अपनाने की अपील की गई है। किसान अपने मोबाईल पर विभागीय वेबसाईट https://linkprotect.cudasvc.com/url?a=http%3a%2f%2fmpkrishi.org&c=E,1,q2qcZ8otxreMOVu7rSWa3kLcheqBZAqXwZeMgtXPDtSRRG8ozKKM-UXUxgOFmBWgdSGCI35QMs4Zi3gPxcGgNG2Sl3P3ikUrpIAt4tbPZnaYWw,,&typo=1 टाईप करें।

वेबसाईट के होम पेज पर नीचे दी गई लिंक पर किसान पंजीयन के लिए क्लिक करें। पंजीयन तीन स्टेप में होगा जिसमें कृषक की जानकारी, मोबाईल का वेरीफिकेशन एवं अन्य जानकारी फीड कर जानकारी भरेंगे। प्रक्रिया पूर्ण कर लेने पर कृषक का प्राकृतिक खेती के लिए पंजीयन हो जाएगा।

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