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Wednesday, October 4, 2023

मध्य प्रदेश बदल रहा है, तेजी से आगे बढ़ रहा है : सीएम चौहान

-CM शिवराज ने किया मेट्रो मॉडल कोच का अनावरण

भोपाल, 26 अगस्त (आमिर आबिद खान)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब लोग मेट्रो जैसा एक्सपीरियंस ले सकते हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को मेट्रो मॉडल कोच का अनावरण किया। मेट्रो मॉडल कोच को श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में रखा गया है। आम जनता वहां जाकर इसे देख सकती है। इस दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि, ‘मेट्रो ट्रेन को सिर्फ भोपाल सिटी तक नहीं छोड़ेंगे। इसे मंडीदीप तक बढ़ाएंगे। बैरागढ़ होते हुए सीधे सीहोर तक ले जाएंगे।’

स्मार्ट सिटी में भी मध्य प्रदेश नंबर एक : CM शिवराज

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नगरीय विकास के क्षेत्र में नई ऊचाईयां प्राप्त कर रहा है। इंडिया स्मार्ट सिटीज अवार्ड्स कॉन्टेस्ट-2022 में उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर प्रदेश की पाँच स्मार्ट सिटी को विभिन्न श्रेणी में 13 अवार्ड मिले हैं। प्रदेश को बेस्ट स्टेट का अवार्ड मिला है और इन्दौर नेशनल स्मार्ट सिटी अवार्ड में प्रथम स्थान पर है। इन उपलब्धियों के लिए प्रदेशवासियों को बधाई। इसके साथ ही आज का दिन एक संकल्प और सपना साकार होने का दिन है। नगरीय विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए भोपाल और इन्दौर में हम मेट्रो ट्रेन के संचालन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश बदल रहा है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी पिछली सरकार ने भोपाल औऱ इन्दौर को मेट्रो सिटी बनाने का निर्णय लिया था और इस दिशा में काम भी शुरु कर दिया था, लेकिन दूसरी सरकार आने के कारण पंद्रह महीने काम बंद रहा। कोरोना की कठिन परिस्थितियों के बाद भी हमारी सरकार ने भोपाल और इन्दौर में मेट्रो रेल के लिए तेजी से कार्य किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर मालती राय तथा जन-प्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

स्मार्ट पार्क में मेट्रो ट्रेन कोच का वास्तविक मॉडल प्रदर्शित किया गया है। अनावरण के बाद मॉडल कोच को बच्चों एवं आमजन के अवलोकन के लिये खोला जायेगा। मेट्रो ट्रेन इस प्रकार के 3 कोच से मिल कर बनती है। भोपाल में 5 किलोमीटर एवं इंदौर में 6 किलोमीटर लम्बाई के मेट्रो ट्रॉयल रन की तैयारी तेजी से की जा रही है। भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज एवं ब्लू लाइन निर्माणाधीन है, जिसकी कुल लम्बाई 31 किलोमीटर और लागत 7 हजार करोड़ रूपये है। ऑरेंज लाइन करोंद चौराहा से एम्स तक 17 किलोमीटर और ब्लू लाइन भदभदा चौराहा से रत्नागिरि चौराहा तक 14 किलोमीटर की लम्बाई की है। ऑरेंज लाइन का कार्य तेजी से चल रहा है। इंदौर मेट्रो में येलो लाइन निर्माणाधीन है। इसकी कुल लम्बाई 31 किलोमीटर एवं लागत 7500 करोड़ है।

भोपाल-इंदौर मेट्रो को विश्व की अग्रणी तकनीक (ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन-4) से संचालित करने के लिये डिजाइन किया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स का भी उपयोग किया गया है। इस तकनीक से मेट्रो की सेफ्टी सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा संरक्षण में काफी फायदा होगा। प्रत्येक कोच में कुल 8 दरवाजे होंगे। मेट्रो ट्रेन में सीसीटीवी कैमरा प्रणाली, डिस्प्ले यूनिट, एयर कंडीशनिंग(एसी) सिस्टम, अत्याधुनिक प्रणाली की लाइटिंग व्यवस्था, आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की चालक से बात हो सके, इसके लिए पेसेंजर इमरजेंसी कम्युनिकेशन यूनिट की व्यवस्था होगी। यात्रियों की आग से सुरक्षा के लिये सबसे सुरक्षित स्तर यानी एचएल-3 लेवल से ट्रेन का डिजाइन तैयार किया गया है। ट्रेन में फायर अलार्म, स्मोक अलार्म सिस्टम एवं फायर एक्सटिंग्विशर की व्यवस्था भी होगी।

मेट्रो से जुड़ी जानकारी

  • मेट्रो परियोजना के अंतर्गत भोपाल- इंदौर में ऑरेंज लाइन और ब्लू लाइन का निर्माण किया जा रहा है।
  • भोपाल- इंदौर मेट्रो परियोजना का काम दिसंबर 2026 तक पूरा होगा।
  • भोपाल मेट्रो लाइन की लंबाई 31 किमी है और लागत 7000 करोड़ है।
  •  इंदौर मेट्रो लाइन की लंबाई भी 31 किमी और लागत 7500 करोड़ है।

भोपाल और इंदौर मेट्रो की खासियत

टेक्शन और पावर सप्लाई

  • शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए तार के जालों से मुक्त विश्वसनीय विद्युतीकरण प्रणाली 750 वॉल्ट डीसी थर्ड रेल।
  • 132 केवी विद्युत आपूर्ति भूमिगत केबल नेटवर्क मप्र में पहली बार
  • बेहतर मानव सेफ्टी के लिए मोटर चालित शॉर्ट सर्किट डिवाइस
  • आपातकालीन यात्री निकासी के लिए थर्ड रेल पावर का स्वचालित स्विच
  • छत के ऊपर सौर पैनल

स्टेशन

  • ऊर्जा बचत हेतु स्वचालित प्रकाश नियंत्रण के साथ स्मार्ट प्रकाश व्यवस्था।
  • यात्री सुरक्षा के लिए अग्निशमन प्रणाली की व्यवस्था।
  • यात्री सुरक्षा के लिए स्टेशन प्लेटफार्म पर आपातकालीन पावर स्विच ऑफ सिस्टम
  • ऊर्जा कुशल एयर कन्डिशनिंग
  • ईवी चार्जिंग से युक्त स्टेशनों के साथ दोपहिया पार्किंग की व्यवस्था
  • यात्रियों के लिए स्टेशन के सार्वजनिक क्षेत्र में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की सुविधा उपलब्ध होगी।
  • कम धुआं उत्पन्न करने वाले शून्य हेलोजन केबल

सिग्रलिंग और टेलीकॉम

  • कुशल परिचालन क्षमताओं एवं समय की बचत हेतु उन्नत CBTC तकनीक एवं स्वचालित समय सारिणी विनियमन (एटीआर) प्रणाली।
  • सुरक्षित और कुशल संचालन के लिए परिचालन प्रौद्योगिकी (ओटी) साइबर सुरक्षा।
  • मेनलाइन संचालन के साथ बेहतर एकीकरण के लिए सीबीटीसी क्षमता वाले उन्नत डिपो संचालन।
  • सुचारू और सुरक्षित चालक रहित ट्रेन संचालन के लिए घुसपैठ का पता लगाने वाली प्रणाली (आईडीएमएस)
  • यात्रियों को समय पर सूचना प्रदान करने हेतु उच्च तकनीक वाली फाइबर ऑप्टिक ट्रांसमिशन सिस्टम।

लिफ्ट और एस्केलेटर

  • भोपाल और इंदौर मेट्रो सेवाओं में लिफ्ट और एस्केलेटर दिव्यांग लोगों सहित सभी यात्रियों के लिए सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
  • भोपाल और इंदौर मेट्रो स्टेशनों में लिफ्ट ग्राउंड लेवल से कॉनकोर्स लेवल तक और कॉनकोर्स लेवल से प्लेटफॉर्म लेवल तक बाधा रहित पहुंच प्रदान करेगी, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि दिव्यांग या सीमित गतिशीलता वाले व्यक्ति शारीरिक रूप से कील चेयर के साथ यात्रा करने की सुविधा के साथ निर्वाध रूप से यात्रा कर सकें।
  • दिव्यांग व्यक्तियों के लिए लिफ्ट कार और लैंडिंग के अंदर ब्रेल बटन की सुविधा, दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए जमीनी स्तर से प्लैटफॉर्म स्तर तक जुड़े लिफ्ट के प्रवेश द्वारों पर स्पर्शनीय फर्श और बधिर व्यक्तियों के लिए लैंडिंग प्रवेश द्वार और लिफ्ट के अंदर एक झंकार के साथ घंटियों की सुविधा ।
  • यात्रा के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की आसानी के लिए सभी लिफ्टों में स्टेशन नियंत्रण कक्ष से जुड़ी लिफ्ट के अंदर ऑटो कॉल सुविधा, इंटरकॉम और अलार्म की सुविधाएं दी जा रही है।
  • लिफ्ट को फायर अलार्म सिस्टम के साथ एकीकृत किया गया है और आग लगने की स्थिति में लिफ्ट में निकासी लैंडिंग पर पहुंचने की सुविधा होगी।
  • स्टेशनों पर सभी लिफ्ट को सभी आवश्यक आपातकालीन निकासी साइनेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
  • प्रवेश और निकास द्वार से दोनों प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के लिए एस्केलेटर दिए जाएंगे।
  • भोपाल और इंदोर मेट्रो में आधुनिक एस्केलेटर ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकियों के साथ डिजाइन किए गए है, जिनमें कम यात्री यातायात के दौरान गति नियंत्रण प्रणाली और स्टैंडबाय मोड शामिल हैं। ये ऊर्जा खपत को कम करने में योगदान करते हैं।

अधिकतम यात्री क्षमता

दिसंबर 2026 में परियोजना के वर्तमान स्वीकृत चरण के पूर्ण होने पर दोनो भोपाल एवं इंदौर शहर में प्रतिदिन 7 लाख से अधिक यात्री उधगम स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक सुविधाजनक रूप एवं कम समय में यात्रा कर सकेंगे।

भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की जानकारी

  • भोपाल मेट्रो परियोजना के अंतर्गत भोपाल शहर में दो लाइन- ऑरेंज लाइन और ब्लू लाइन का निर्माण किया जा रहा है।
  • एम्स से करोंद चौराहे तक निर्माणाधीन ऑरेंज लाइन की कुल लंबाई 16.74 किमी है।
  • इसमें अंडरग्राउंड भाग 3.39 किलो मीटर का है।
  • ऑरेंज लाइन में दो अंडरग्राउंड स्टेशन (भोपाल स्टेशन,नादरा बस स्टैंड) और 14 एलीवेटेड स्टेशन हैं। जिनमें स्टेशन एम्स, अल्कापुरी, डीआरएम आफिस, रानी कमलापति, एम पी नगर, बोर्ड आफिस, केंद्रीय विद्यालय, सुभाष नगर, पुल बोगदा, ऐशबाग, सिन्धी कॉलोनी, डीआइजी बंगलों, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा है।
  • रत्नागिरि तिराहे से भदभदा चौराहे तक मेट्रो रेल की ब्लू लाइन की कुल लंबाई 14.16 किमी है।

14 एलीवेटेड स्टेशन बनेंगे

  1. रत्नागिरि तिराहा
  2. पिपलानी
  3. इंद्रपुरी
  4. जेके रोड
  5. गोविंद्पुरा औद्योगिक
  6. गोविंद्पुरा
  7. प्रभात पेट्रोल पंप
  8. पुल बोगदा
  9. परेड ग्राउंड
  10. मिंटो हाल
  11. रोशनपुरा चौराहा
  12. जवाहर चौरहा
  13. डिपो चौराहा
  14. भदभदा चौराहा

सितंबर 2023 में सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक ट्रेन के ट्रायल्स प्रारंभ किए जाएंगे। भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की सम्पूर्ण परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

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