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Thursday, December 8, 2022

मध्य प्रदेश सरकार ने लंपी वायरस से निपटने के बनाई रणनीति, वैक्सीन के लिए बनाए 4 सेंट्रल पॉइंट

-अकबर खान-

भोपाल, 04 सितंबर (वेब वार्ता)। लंपी वायरस इस वक्त गायों सहित कई अन्य पशुओं पर कहर बनकर टूट रहा है। कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद अब देश लंपी वायरस से लड़ रहा है। पशुओं पर यह वायरस कहर बरपा रहा है। देश के कई हिस्सों के गोवंश में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है। मध्यप्रदेश के कई शहरों में भी लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है।

ऐसे में अब मध्य प्रदेश सरकार ने वायरस से निपटने के लिए रणनीति तैयार की है। केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को करीब 14 लाख गोट पॉक्स वैक्सीन सप्लाई की है। जिन्हें सभी जिलों में मौजूद पशुओं को लगाया जाएगा। जिसके लिए राज्य सरकार ने कुछ सेंट्रल पॉइंट भी बना दिए हैं। वहीं टीकाकरण के लिए इंदौर सहित 4 फोकल पॉइंट भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन बनाये गये हैं। इंदौर के लिए में 5 लाख 34 हजार 762 वैक्सीन प्राप्त हुई हैं।

इंदौर जिले को 39 हजार 579, अलीराजपुर को 59 हजार 732, धार को एक लाख 9 हजार 484, खंडवा को 61 हजार 681, झाबुआ को 71 हजार 89, खरगौन को एक लाख एक हजार 132, बड़वानी को 69 हजार 322 और बुरहानपुर जिले को 22 हजार 743 वैक्सीन भेजी गई है। इसी तरह भोपाल में 3 लाख 45 हजार 690, ग्वालियर में 2 लाख 87 हजार 68 और केन्द्र बिंदु में शामिल उज्जैन जिले को 2 लाख 32 हजार 480 वैक्सीन सीधे पहुंचा दी गई है। इसके साथ ही जिलों के पशु चिकित्सकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर प्रशिक्षण भी दिया गया। जिसके बाद संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. आर.के मेहिया ने युद्ध स्तर पर गोवंश का टीकाकरण करने के निर्देश दिये हैं।

रिंग वैक्सीनेशन करने की प्रक्रिया शुरू

डॉ. मेहिया ने कहा है कि प्रभावित गांव और उसके चारों तरफ प्राथमिकता से रिंग वैक्सीनेशन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन करते हुए निरंतर निगरानी के साथ टीकाकरण कर इस चुनौती को जल्द से जल्द समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. मेहिया ने बताया कि बहुत बड़ी राहत की बात है कि प्रदेश में अब तक किसी भैंस-वंशीय पशु में लंपी रोग के लक्षण नहीं मिले हैं। बता दें ग्वालियर केन्द्र बिंदु के शिवपुरी जिले को 61 हजार 34, गुना को 61 हजार 832, श्योपुर को 43 हजार 579, अशोकनगर को 38 हजार 662, ग्वालियर को 24 हजार 196, भिंड को 21007, दतिया को 18 हजार 848 और मुरैना जिले को 17 हजार 910 गोट पॉक्स वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई है।

वहीं भोपाल केन्द्र बिंदु में शामिल बैतूल जिले को 94 हजार 579, सीहोर को 60 हजार 809, नर्मदापुरम को 54 हजार 508, राजगढ़ को 44 हजार 839, हरदा को 26 हजार 315 और छतरपुर जिले को 50 हजार 105 वैक्सीन मिल गई हैं। फोकल पॉइंट में शामिल उज्जैन, रतलाम जिले को 52 हजार 758, मंदसौर को 43 हजार 552, उज्जैन को 43 हजार 811, नीमच को 39 हजार 162, शाजापुर को 26 हजार 944 और आगर-मालवा को 26 हजार 253 गोट पॉक्स वैक्सीन भेजी गई है। डॉ. मेहिया ने जिलों में पदस्थ संयुक्त संचालकों और उप संचालकों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि लंपी से मृत पशु को गांव या शहर के बाहर स्थानीय प्रशासन की मदद से गड्ढा खोद कर चूना और नमक के साथ दफनाया जा रहा है। खुले में मृत पशु का शरीर बिल्कुल न रहने दें क्योंकि  कुत्ते, चील-कौआ, मच्छर, मक्खी बीमारी के संवाहक बन सकते हैं।

बता दें कि मध्य प्रदेश में लंपी वायरस के सबसे ज्यादा मामले गोवंश में देखने को मिले हैं। हालांकि सरकार यह भी मॉनिटर कर रही है कि भैंसों में लंपी वायरस का कोई केस आया या नहीं। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने मरने वाले पशुओं को गड्ढा खोदकर दफनाने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार गड्ढा शहर से बाहर खोदा जाएगा। और यह सुनिश्चित भी किया जाएगा कि कोई अन्य जानवर इन पशुओं को नोच तो नहीं रहा है या कोई पक्षी मृत पशु के संपर्क में तो नहीं है।

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