राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विक्रम विवि के 130 नवीन पाठ्यक्रमों का शुभारम्भ किया

Governor Mangubhai Patel launched 130 new courses of Vikram University

उज्जैन, 30 अगस्त (वेब वार्ता)। सोमवार दोपहर प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उज्जैन प्रवास के दौरान विक्रम कीर्ति मन्दिर में विक्रम विश्वविद्यालय के 130 नवीन पाठ्यक्रमों का शुभारम्भ किया।

शुभारम्भ समारोह में राज्यपाल ने सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली उज्जयिनी रही है। उज्जयिनी की पावन एवं पवित्र नगरी में आने से मेरा मन गर्व का अनुभव कर रहा है। उज्जयिनी नगरी प्राचीनकाल से ही पवित्र नगरी रही है। यहां के लोगों का सौभाग्य है कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने यहां गुरू सान्दीपनि के आश्रम में रहकर शिक्षा ग्रहण की। उस समय राज परिवार एवं सामान्य बालक सब एक साथ गुरूकुल में शिक्षा ग्रहण करते थे। भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा ने साथ ही गुरू सान्दीपनि के आचार्यत्व में शिक्षा ग्रहण की। भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्ध में अर्जुन को कत्र्तव्य पालन की सीख दी।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में एकसाथ 130 से अधिक नवीन पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहे हैं। इसे मिलाकर कुल 180 पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। नवीन पाठ्यक्रम युवाओं को भविष्य में नवीन ऊंचाईयों पर लेकर जायेंगे। नवीन पाठ्यक्रम उन्हें एक ही विषय में बंधे रहने से मुक्त करायेगा। उन्हें आगे बढऩे में मदद करेगा एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनायेगा। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय को संस्कृत भाषा को आगे बढाने का प्रयास करना चाहिये। राज्यपाल ने कहा कि सभी का साथ एवं सभी का विकास ये सब मिलकर एक संयुक्त प्रयास बनाते हैं। हम सब प्रयास करें कि भारत पुन: विश्वगुरू कहलाये।

इसके पूर्व राज्यपाल पटेल ने वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर नवीन पाठ्यक्रमों के समारोह का शुभारम्भ किया। पंण्राजेश्वर शास्त्री मूसलगांवकर ने मंगलाचरण का गायन किया। विक्रम विश्वविद्यालय के गान का गायन किया गया।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जब उज्जयिनी के गुरूकुल में शिक्षा ग्रहण करने आये थ, उस समय का जो दृश्य रहा होगा वहीं आज भी महसूस हो रहा है। सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय उज्जैन का विक्रम विश्वविद्यालय है। यहां जितने नवीन पाठ्यक्रम एवं कोर्स संचालित किये जायेंगे। इनसे विक्रम विश्वविद्यालय नम्बर एक का विश्वविद्यालय हो गया है। विश्वविद्यालय में ड्राइंग, डिजाईन,थिएटर, ड्रामा, नृत्य,गीत के विषय भी रहेंगे। भगवान श्रीकृष्ण की 14 विद्याएं एवं 64 कलाओं पर आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को दिलाने का प्रयास किया जायेगा। खेल को भी कोर्स का हिस्सा बनाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की है। इस शिक्षा नीति में कोई भी विद्यार्थी एक विषय लेकर कुछ समय पश्चात दूसरे विषय में भी प्रवेश ले सकता है। उन्होंने कहा कि आज अवकाश का दिन नहीं ह, अपितु आज कार्य करने का एवं ऊर्जा का दिन है। नवीन पाठ्यक्रम जन्माष्टमी पर्व पर शुरू करने से अच्छा अवसर कुछ नहीं है। सांसद अनिल फिरोजिया ने भी संबोधित किया। समारोह में कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय ने विश्वविद्यालय की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।