कांग्रेस भय और भ्रम फैलाकर आदिवासी समाज को बांटने की राजनीति करती है : डा. नरोत्तम मिश्रा

Home Minister Narottam Mishra

भोपाल, 07 सितंबर (वेब वार्ता)। प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि कांग्रेस भय और भ्रम फैलाकर आदिवासी समाज को बांटने की राजनीति करती है। यह समुदाय वन और संस्कृति को बचाकर खुद को आगे बढ़ाता है। कांग्रेस में आदिवासी नेताओं को हमेशा पीछे रखा। आदिवासी मुंह नहीं, हल चलाना जानता है। कांग्रेस भय और भ्रम फैलाकर आदिवासी समाज को बांटने की राजनीति करती है।

मीडिया से चर्चा में उन्होंने गीतकार जावेद अख्तर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर दिए बयान की निंदा की। मिश्रा ने कहा कि जावेद अख्तर पर मुनव्वर राना की परछाई पड़ गई है, तभी वह आरएएस को लेकर इस तरह के बयान दे रहे हैं। राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की विशेषता है कि वे जब भी बोलते हैं, दुर्भावना ही फैलाते हैं। भले ही वे इंदौर में सद्भावना सम्मेलन कर रहे हों, लेकिन वहां भी अपने भाषण से दुर्भावना फैला देंगे।

प्रदेश में भय का बना रहे माहौल

खरगोन में आदिवासियों के साथ हुई घटना को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में भय का माहौल बनाया जा रहा है। महंगाई से हर कोई दुखी है। भाजपा सरकार न तो महंगाई कम कर सकी और न ही कालाधन वापस लाई। भाजपा के नेता नकली नोट के धंधों में शामिल रहे हैं। भाजपा हर चुनाव में विकास की बात करती है और बाद में हिंदू-मुस्लिम का राग अलापती है।

बिस्टान की घटना दुखद, डाक्टर भी जांच का विषय बनेगा

डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि बिस्टान थाने में दुखद प्रंसग आया है। मुख्यमंत्री जी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल न्यायिक जांच के आदेश दिए। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए थाने के एसआइ, एक हेड कांस्टेबल, दो कांस्टेबल और जेल के प्रभारी को निलंबित किया गया है। घटना के सभी पक्ष जनजातिय वर्ग से आते हैं। थाना प्रभारी, एडिशनल एसपी भी इसी वर्ग के हैं।

कांग्रेस भ्रम फैलाती है तो यह अच्छा नहीं है। लाशों पर राजनीति करना उचित नहीं है। जो भी आरोपित सिद्ध होगा, वह जेल जाएगा। कांग्रेस को लाशों की राजनीति करने की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि दो लोगों को रिमांड पर लिया गया था। आरोप है कि उनसे मारपीट की गई। इस मामले में डाक्टर भी जांच का विषय बनेगा। उसने उन्हें स्वस्थ बताया होगा, तभी जेल में उन्हें भेजा गया होगा। यदि वे स्वस्थ नहीं थे तो उन्हें अस्पताल में भर्ती क्यों किया गया। डाक्टर की इस भूमिका की भी जांच की जाएगी।