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Thursday, September 28, 2023

MP Youth Policy: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर निर्मित करेगी सरकार स्कूली शिक्षा में व्यावसायिक पाठ्यक्रम होंगे शामिल

भोपाल, (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के युवाओं को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर निर्मित करेगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। कौशल विकास केंद्रों का पुनर्गठन किया जाएगा। जिला और क्षेत्रीय स्तर पर क्षमता के अनुसार रोजगार सृजन किया जाएगा। रोजगार के लिए युवा परामर्श केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसका प्रविधान युवा नीति में किया गया है।

मध्य प्रदेश में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग आबादी के दो करोड़ युवा है, जो राज्य की आबादी का एक चौथाई हिस्सा है। इन युवाओं को अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने युवा नीति बनाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को यूथ महापंचायत में युवा नीति का लोकार्पण किया।

इस नीति की मदद से युवाओं को राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में प्रभावी योगदान देने तैयार किया जाएगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे। यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच और क्षमताओं में सुधार किया जाएगा। युवा नेतृत्व और सामाजिक विकास के कार्य किए जाएंगे। खेल एवं फिटनेस पर जोर दिया जाएगा। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान बनाए जाएंगे और कला एवं संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।

व्यावसायिक संस्थाओं, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थाओं, सेवा क्षेत्र में काम करने के लिए 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के छात्रों के लिए सशुल्क अप्रेंटिसशिप के अवसरों को औपचारिक रूप दिया जाएगा। शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं एवं नई तकनीक के अनुसार निरंतर परिवर्तन करने का कार्य किया जाएगा।

शिक्षा एवं कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता, स्वास्थ्य, युवा नेतृत्व और सामाजिक कार्य, खेल एवं फिटनेस, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण सुरक्षा, समावेशन और समता के क्षेत्र में युवा नीति के तहत कार्य किए जाएंगे। प्रदेश के युवा, उद्यमी बनें जो आत्मविश्वास के साथ जोखिम लेने के लिए तैयार हों, आर्थिक और वित्तीय व्यवस्था एवं संरचना के प्रति जागरुकता, मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ, कृषि एवं पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी, समावेशी एवं न्यायपूर्ण, प्रतिभागिता की भावना से युक्त, वैज्ञानिक स्वभाव एवं दृष्टिकोण से युक्त, तथ्यों के आधार पर युक्तियुक्त निर्णय लेने में समर्थ, अपनी संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति आदर भाव से युक्त, राष्ट्र निर्माण एवं अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण, भविष्य में नेतृत्व प्रदान करने के लिए समर्थ और शिक्षा एवं कौशल अर्जित कर रोजगार के योग्य बनाने के उद्देश्य को लेकर युवा नीति के तहत कार्य किए जाएंगे।

नौवीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा की होगी व्यवस्था

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप समग्र शिक्षा प्रणाली में कौशल आधारित पाठ्यक्रम का समायोजन किया जाएगा। कक्षा नौवीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। वंचित वर्ग के युवाओं को शिक्षा प्रणाली में बनाए रखने प्रयास किए जाएंगे। उच्च शिक्षा के लिए निशक्तजनों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। युवा नीति के माध्यम से प्रदेश के रचनाकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों के कृतित्व एवं व्यक्तित्व तथा स्थानीय कला, संस्कृति एवं भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

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