रेत पर गणेश परिक्रमा करने वाली सफेदपोश मीडिया का काला सच

वेबवार्ता संवाददाता, ग्वालियर। अंचल के भिण्ड जिले में रेत का खनन करने वाली कंपनी पॉवरमेक, बिजली कंपनी पॉवर ग्रिड के साथ कई अधिकारियों की गणेश परिक्रमा/दलाली करने वाले मीडिया क्षेत्र के बड़े दलाल को इस बार कभी कांग्रेसी, भाजपाई और फिर कांग्रेसी बनने वाले एक बड़े नेता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

दरअसल ये दलाल नेता जी की गणेश परिक्रमा करके उनके साथ कई सालों से डबल गेम खेल रहा था। हाल ही में पॉवरमेक कंपनी के खिलाफ आंदोलन का आगाज कराने वाले इस दलाल ने उनकी फेस सेलिंग कर दी। असल में कंपनी ने इसकी महीने दारी बंद कर दी थी। आंदोलन की घोषणा करवाने के बाद इस दलाल ने अपने दो ब्रांड मीडिया साथियों का महीना फिर से चालू करा लिया है।

हालांकि खबर है इसे एक अधिकारी से सिफारिश भी करानी पड़ी। वर्तमान में ये दलाल पुलिस अधीक्षक के इर्द गिर्द खुद को दिखाकर थाना प्रभारियों से हर माह पैसा बनाने की फिराक में है। बताया जा रहा है कि मौजूदा कलेक्टर से भी दलाल ने भारी उम्मीदें लगा रखी है और उनकी भी गणेश परिक्रमा शुरू करदी है। मैडम के गाने याद किए। अफसरों को सुनाए भी… ताकि किसी प्रकार सहाब तक अर्ज पहुंच जाए और दुकान शुरू हो जाए। पर वहां दाल गली नहीं। अब पुलिस अधीक्षक महोदय के पैर पकड़ लिए है।

दलाल की फितरत से ज्यादातर लोग बाकिफ हो चुके हैं। इसी लिए हर जगह से दुत्कार भगाया जा रहा है। चर्चा है कि गणेश परिक्रमा करने में माहिर दलाल ने पूर्व कलेक्टर और सीएमएचओ से मिलकर इसने अपनी एक महिला रिश्तेदार की कंट्रेक्ट पर नियुक्ति करा ली है। सो १६५०० रुपए मुफ्त में ही खाते में पहुंच रहे है।

कुछ मीडिया के भाई सूची को बाहर निकालने की कोशिश में है और हाईकोर्ट तक ले जाने की तैयारी कर ली है। किसानों को मुआवजा देने में गड़बड़ी करने वाले पॉवरग्रिड कंपनी से भी इसने अपना और दो ब्रांड अखवारों को सौदा करा दिया है सो वहां से भी पैसा आने लगा है।

दिन भर मुफ्त खोरी करने वाले इस दलाल को वेतन के रूप में कहीं से भी एक पैसा भी नहीं मिलता लेकिन संपत्ति गौरी सरोबर में मछलियों की तरह बढ़ रही है। बताया जाता है कि इस दलाल ने तीन चार चेले मैदान में छोड़ दिए हैं जो दिन भर कलेक्ट्रेट परिसर में रहकर शिकार की तलाश में रहते हैं।