शमशाद ने अमित बनकर हिंदू महिला को फंसाया, और फिर घर में दफनाकर चला गया

New Delhi: love jihad: मेरठ में मां-बेटी की ह’त्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। घटना को महिला के प्रेमी शमशाद ने ही अंजाम दिया था। परतापुर पुलिस ने घर के अंदर खुदाई की और दोनों शवों को बाहर निकाल लिया।

शमशाद ने गाजियाबाद की रहने वाली एक शादीशुदा महिला को खुद को हिंदू बताकर अपने चंगुल में फंसाया। महिला ने युवक पर भरोसा किया और उसके साथ चली आई। पिछले कई सालों से महिला अपनी बेटी को लेकर प्रेमी के साथ रह रही थी।

मेरठ के इस मामले को ‘लव जिहाद’ के ऐंगल से भी देखा जा रहा है। मां-बेटी की ह’त्या की सूचना पर पुलिस को सबसे पहला शक शमशाद पर ही हुआ और उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। प्रेमी से पूछताछ के बाद पुलिस ने घर की खुदाई की और दोनों के शवों को निकाल लिया। हालांकि अब नाटकीय ढंग से घटना का मुख्य आरोपी शमशाद फरार हो गया है। पुलिस के मुताबिक उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

एसओ आनंद मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को आरोपी से पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद उसको छोड़ दिया गया। हालांकि जब आज शव बरामद हुए तो आरोपी फरार हो गया। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पिछले कई साल से महिला को पत्नी बनाकर रखा था

गाजियाबाद के लोनी की रहने वाली प्रिया शादीशुदा थी। कुछ साल पहले प्रिया की मुलाकात भूड़बराल में रहने वाले युवक शमशाद से हुई। शमशाद ने अपने को हिंदू बताया और उसने प्रिया को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। प्रिया की एक बेटी भी उसके साथ रहती थी। शमशाद ने हिंदू नाम बदलकर प्रिया को अपने साथ रखा। इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि शमशाद ने प्रिया को पांच साल तक अपने साथ बतौर पत्नी रखा।

हिंदू न होने की बात पता चली तो कर दिया मर्डर

प्रिया को पता चला कि शमशाद हिंदू नहीं है। इसी बात को लेकर प्रिया ने विरोध शुरू कर दिया। 28 मार्च को शमशाद ने मां-बेटी की हत्या करने के बाद शव घर के अंदर जमीन में दबा दिया था। उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं था।

एसओ आनंद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों ने जब महिला और उसकी बेटी को गांव में कई दिनों से नहीं देखा तो उनको शक हुआ। इसके बाद उन्होंने युवक से पूछताछ की तो युवक ने कोई ठीक जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी से कई बार पूछताछ की, लेकिन वह हर बार पुलिस से झूठ बोलता रहा।