Chhath Puja 2020: छठ व्रती जानें.. दिल्ली-यूपी-झारखंड में कोरोना काल में अर्घ्य देने के नियम

New Delhi: कोरोना काल में आस्था के महापर्व छठ (Chhath Puja 2020) को संपन्न कराना कई राज्यों के लिए बड़ा चुनौती भरा है। बिहार, झारखंड और इससे सटे यूपी के जिलों में छठ तो होता ही है, इसके अलावा प्रवासी बिहारी दिल्ली-मुंबई समेत कई राज्यों में भगवान भास्कर की अराधना में चार डूबे रहेंगे। ऐसे में छठ को लेकर किस राज्य में क्या नियम हैं, आप यहां जान लीजिए।
बिहार में छठ पूजा के लिए नियम

छठ महापर्व (Chhath Puja 2020) को लेकर बिहार सरकार (Bihar Government) ने गाइलाइन जारी कर दी है। कोरोना संक्रमण काल में होने वाले छठ महापर्व के लिए गृह विभाग ने दिशा-निर्देश रविवार को जारी किए हैं।

बिहार सरकार की ओर से गाइडलाइन (Guideline For Chhath Puja 2020) जारी करते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि वह नदियों-तालाबों पर छठ पूजा करने के बजाए घरों पर ही अर्घ्य दें। इस बार छठ के अवसर पर न मेला लगेगा, ना ही जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

गृह विभाग ने जिला प्रशासन को छठ पूजा समितियों, नागरिक इकाइयों, वार्ड पार्षदों, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ समन्वय बनाकर कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए केन्द्र व राज्य सरकार के निर्देशों का प्रचार-प्रसार करने को कहा है।

दिशा-निर्देश के मुताबिक गंगा नदी समेत अन्य महत्वपूर्ण नदियों के किनारे घाटों पर छठ महापर्व के दौरान अत्यधिक भीड़ होती है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने घर में ही छठ की पूजा के लिए प्रेरित किया जाए।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे तालाबों पर छठ महापर्व के आयोजन के दौरान मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग के मानक का पालन कराया जाना चाहिए।

गृह विभाग ने निर्देश दिया है कि इन घाटों पर अर्घ्य के पहले और बाद सैनेटाइजेशन का कार्य नगर निकाय और ग्राम पंचायत द्वारा कराया जाए। यहां मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजकों और अन्य व्यक्तियों को स्थानीय प्रशासन के निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। इसके अलावा कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जहां-तहां थूकने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

झारखंड में छठ के लिए गाइडलाइंस

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने छठ पूजा को लेकर नियम कुछ ज्यादा ही कड़े कर दिए थे। इसके बाद छठ व्रती और सरकार आमने-सामने आ गए थे। आखिर में सरकार छठ व्रतियों के सामने झुक गई और नियमों में बदलाव कर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को खुद इसकी घोषणा की और लोगों से अपील की कि घाटों पर सोशल डिस्टेसिंग के साथ कम संख्या में उपस्थित होकर छठ महापर्व मनाएं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छठ पर्व को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन केंद्र सरकार के दिषा-निर्देष के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। उन्होंने गाइडलाइन में ढिलाई की मांग पर छठ व्रतियों से अपील की कि नदी-तालाब और अन्य छठ घाटों में सोषल डिस्टेसिंग , सैनिटाइजेशन और दो गज की दूरी का पालन करते हुए त्योहार को मनाएं।

दिल्ली मेंछठ की गाइडलाइंस

छठ पूजा के सामूहिक आयोजन पर पाबंदी को लेकर विपक्ष के किरकिरी झेल रही अरविंद केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने भी छठ पर पाबंदी लगाने के सरकार के फैसले को हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि छठ पूजा के सामूहिक आयोजन की अनुमित देने पर कोविड-19 महामारी में तेज वृद्धि की आशंका रहेगी।

वहीं, उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने भी दिल्ली सरकार को कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एलजी के जरिए केंद्र सरकार से कोरोना हॉटस्पॉट एरियाज में कुछ गतिविधियों पर पाबंदी लगाने की अनुमति मांगी थी।

जिंदा रहोगे, तभी तो कोई त्योहार मना पाओगे: दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ छठ पूजा के आयोजन की अनुमति लेने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दी गई थी। इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि ‘जिंदा रहोगे, तभी तो कोई त्योहार मना पाओगे।’ हाई कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका ठुकरा दी कि लगता है याचिकाकर्ता को दिल्ली के हालात की जानकारी नहीं है। ऐसे हालातों में भीड़ इकट़्ठा होने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

मुंबई में छठ पूजाकी गाइडलाइंस

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर मुंबई स्थानीय निकाय ने छठ पूजा के मौके पर समुद्र तटों, नदियों और अन्य प्राकृतिक जलाशयों के किनारे भीड़ जुटने पर प्रतिबंध लगाते हुए श्रद्धालुओं से कहा है कि वे बड़ी संख्या में इन स्थानों पर जमा होने से बचें। यह सालाना त्योहार शहर में रहनेवाले वे लोग मनाते हैं जिनका ताल्लुक उत्तर भारत से है।

सूर्य देवता को समर्पित यह त्योहार इस साल शुक्रवार और शनिवार को है। कोरोना काल से पहले इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग तटों, नदियों और अन्य जल निकायों के किनारे जमा होते थे और सूर्यास्त तथा सूर्योदय के मौके पर अर्ध्य देते हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मंगलवार को छठ पूजा के संबंध में दिशानिर्देश जारी करते हुए लोगों से संक्रमण से बचने के लिए बड़ी संख्या में जमा नहीं होने के लिए कहा है।

बीएमसी ने बयान जारी कर बताया कि छठ पूजा उत्सव को सिमित करने का निर्णय किया है क्योंकि अगर लोग नदी किनारे और समुद्र तटों पर बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना के लिए जमा होते हैं तो सामाजिक मेल जोल से दूरी का पालन करवा पाना मुश्किल हो जाएगा।

बीएमसी ने कहा कि जल इकाइयों के किनारे बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने और उत्सव मनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बीएमसी ने लोगों से अपील की है कि वह कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए मास्क पहने, सामाजिक दूरी बनाए रखें और सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें। नागरिक निकाय ने कहा कि यह उन दो दिनों में छठ पूजा से जुड़े कार्यक्रमों के संचालन के लिए वार्ड स्तर पर संबंधित संगठनों को आवश्यक अनुमति जारी करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *