कानपुर: हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई UP पुलिस टीम पर पथराव, छिपते-छीपाते बचाई जान

Webvarta Desk: गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) ने अपने गुर्गो के साथ मिलकर आठ पुलिसकर्मियों की बेरहमी की हत्या कर दी थी। बिकरू हत्याकांड ने पुलिस विभाग को सबसे बड़ी क्षति पहुंचाई थी। लेकिन बिकरू कांड के बाद भी कानपुर पुलिस (Kanpur Police) सबक नहीं ले रही है। पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है।

बीते शनिवार रात बेकनगंज पुलिस डी 80 गैंग के मुखिया रेहान उर्फ गुड्डू को पकड़ने गई थी। हिस्ट्रीशीटर के साथी और स्थानीय लोगों ने पुलिस (Kanpur Police) को घेर लिया। इसके बाद छतों से पथराव कर दिया। किसी तरह से पुलिस कर्मी जान बचाकर उल्टे पैर भागना पड़ा।

कर्नलगंज थाना क्षेत्र स्थित गम्मू खां हाता में रहने वाला रेहान उर्फ गुड्डू पर शहर के विभिन्न थानों में लूट, चोरी, रंगदारी और हत्या के प्रयास के मुकदमे हैं। रेहान टॉप टेन 10 हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। बेकनगंज पुलिस (Kanpur Police) को सूचना मिली थी कि रेहान गम्मू खां हाता में परिजन से मिलने के लिए आया है। इस सूचना पर पुलिस ने दबिश दी थी।

लोकल थाने को नहीं थी दबिश की सूचना

बेकनगंज थाने में तैनात दरोगा मो नईम सिपाहियों को लेकर गम्मू खां हाता दबिश देने के लिए गए थे। दरोगा ने दबिश की सूचना आलाधिकारियों और कर्नलगंज थाने को नहीं दी थी। दरोगा जैसे ही सिपाहियों के साथ हिस्ट्रशीटर के घर पहुंचे, तो महिलाएं लाठी-डंडे लेकर निकल आई। भीड़ ने पुलिस को चारों तरफ से घेर लिया। छतों से पथराव शुरू हो गया। किसी तरह से पुलिसकर्मी खुद को बचाते हुए, गलियों में जा छिपे। दरोगा ने पथराव और हंगामे की सूचना बेकनगंज थाने को दी।

अधूरी तैयारी के साथ दी गई थी दबिश

बेकनगंज पुलिस आधी-अधूरी तैयारी के साथ दबिश देने के लिए गई थी। दरोगा की सूचना पर कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। हिस्ट्रीशीटर रेहान हंगामे का फायदा उठाते हुए भाग निकला। सीओ कर्नलगंज दिनेश कुमार के मुताबिक हंगामें की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई जा रही है।

बिकरू कांड से पुलिस ने नहीं लिया सबक

कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस बीते 2 जुलाई की रात बिकरू गांव दबिश देने के लिए गई थी। सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में तीन थानों का फोर्स आधी अधूरी तैयारी के साथ बिकरू गांव पहुंचा था। विकास दुबे अपने गुर्गो के साथ पहले से घात लगाकर बैठा था। पुलिस के पहुंचते ही विकास दुबे और उसके गुर्गो ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दिया था, जिसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।